तकनीकी खराबी से दो फ्लाइट्स में हड़कंप – लेह जाने वाली इंडिगो फ्लाइट की दिल्ली में आपात लैंडिंग, हैदराबाद से तिरुपति वाली फ्लाइट भी प्रभावित
नई दिल्ली, 19 जून 2025 – शुक्रवार को देश की दो प्रमुख घरेलू उड़ानों में तकनीकी खराबियों के कारण आपात स्थिति उत्पन्न हो गई। एक ओर दिल्ली से लेह जा रही इंडिगो की फ्लाइट को उड़ान के दो घंटे बाद वापस दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड कराया गया, वहीं दूसरी ओर हैदराबाद से तिरुपति जा रही एक अन्य फ्लाइट को उड़ान भरने के तुरंत बाद तकनीकी दिक्कत के चलते रोकना पड़ा।
🛬 फ्लाइट 6E-2006: दिल्ली से लेह
इंडिगो की फ्लाइट 6E-2006, जो शुक्रवार सुबह लेह के लिए रवाना हुई थी, को उड़ान के लगभग 2 घंटे बाद हवा में तकनीकी खराबी का सामना करना पड़ा। पायलट को विमान के सिस्टम में खराबी का संकेत मिला, जिसके बाद SOP (Standard Operating Procedure) के तहत उड़ान को दिल्ली लौटने का निर्णय लिया गया।
एयर ट्रैफिक कंट्रोल से अनुमति मिलने के बाद, विमान ने दिल्ली हवाई अड्डे पर आपात लैंडिंग की। इस दौरान विमान में मौजूद सभी यात्रियों और क्रू मेंबर्स पूरी तरह सुरक्षित रहे।
इंडिगो की ओर से जारी बयान में कहा गया –
“यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। तकनीकी निरीक्षण किया जा रहा है और वैकल्पिक व्यवस्था के तहत यात्रियों को लेह भेजा जाएगा।“
🛩️ हैदराबाद से तिरुपति: उड़ान के तुरंत बाद वापस
एक अन्य मामला हैदराबाद से तिरुपति जा रही फ्लाइट का सामने आया, जिसमें उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों के अंदर तकनीकी खराबी सामने आई। विमान को हैदराबाद एयरपोर्ट पर वापस बुला लिया गया और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
तकनीकी टीम ने जांच शुरू कर दी है, और यात्रियों को अगली उपलब्ध फ्लाइट से गंतव्य तक भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
🧐 DGCA की सख्ती
दोनों मामलों को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने गंभीरता से लिया है। DGCA के अधिकारियों ने बताया कि वह इन घटनाओं की आंतरिक जांच कर रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस प्रोटोकॉल का सही तरीके से पालन हो रहा है या नहीं।
🧑✈️ निष्कर्ष:
इन दोनों घटनाओं से एक बात स्पष्ट होती है — भले ही तकनीकी खराबी किसी भी समय आ सकती है, लेकिन भारतीय एयरलाइंस और पायलटों की त्वरित सतर्कता की वजह से सैकड़ों यात्रियों की जान सुरक्षित बची। भविष्य के लिए इन घटनाओं से सीख लेते हुए विमान सुरक्षा मानकों को और मजबूत करने की आवश्यकता है।

