सोना और चांदी दोनों की कीमतें भारत और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं, जबकि प्लैटिनम और पैल्लेडियम जैसी अन्य कीमती धातुओं ने भी सशक्त वृद्धि दर्ज की है।
वैश्विक कमोडिटी बाजार में बचत और सुरक्षा की तलाश वाले निवेशकों के रुझान के कारण कीमती धातुओं में तेजी देखने को मिल रही है।
सोने का भाव रिकॉर्ड ऊँचाई पर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत अब $4,549.71 प्रति औंस के करीब पहुँच गई है, जो ऐतिहासिक उच्च स्तर है।
भारत में सर्राफा बाजारों में भी 24 कैरेट सोने का भाव लगभग ₹1,38,000–₹1,39,000 प्रति 10 ग्राम के आसपास ट्रेड कर रहा है।
यह स्तर पिछले हफ्तों में लगातार उच्चतम रिकॉर्ड तोड़ रहा है।
चांदी ने भी तोड़ा रिकॉर्ड
चांदी की कीमत में तेज उछाल दर्ज हुआ है और यह रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचकर ₹2,30,000+ प्रति किलोग्राम तक जा चुकी है।
- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चांदी की कीमत भी $78.53 प्रति औंस के करीब पहुंच गई है, जो इस धातु के इतिहास में एक नया उच्च स्तर माना जा रहा है।
पूरे कीमती धातु मार्केट पर असर
इस रैली का असर न सिर्फ सोने-चांदी पर दिख रहा है, बल्कि अन्य कीमती धातुओं जैसे प्लैटिनम और पैलैडियम ने भी महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज की है।
विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, ब्याज दरों के संभावित बदलाव, और निवेशक सुरक्षित परिसंपत्तियों की ओर रुझान के कारण यह तेज़ी बनी हुई है।
आगे क्या?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक हालात ऐसे ही बने रहे तो आने वाले दिनों में सोने-चांदी के दाम और ऊपर जा सकते हैं।
हालांकि बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहेगा, इसलिए निवेश से पहले सही जानकारी और सलाह लेना जरूरी है।
सोना और चांदी एक बार फिर निवेशकों के भरोसे पर खरे उतरते नजर आ रहे हैं। बढ़ती कीमतें यह संकेत दे रही हैं कि आने वाले समय में कीमती धातुओं का महत्व और बढ़ सकता है।
ऐसे में बाजार की चाल पर नजर रखना और सोच-समझकर निवेश करना ही समझदारी होगी।

