साकेत कोर्ट में वकीलों का विरोध प्रदर्शन
FIR के खिलाफ गूंजा नाराज़गी का स्वर, भारी पुलिस बल तैनात
नई दिल्ली | 19 जुलाई 2025
दिल्ली के साकेत कोर्ट में शुक्रवार को वकीलों ने धरना प्रदर्शन और न्यायिक कार्य बहिष्कार किया। यह कदम उस FIR के विरोध में उठाया गया जिसमें एक सब-इंस्पेक्टर ने कुछ वकीलों पर शारीरिक हमला और वर्दी फाड़ने का आरोप लगाया था।
🔍 क्या है पूरा मामला?
17 जुलाई 2025 को एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर ने साकेत कोर्ट की अदालत संख्या 508 के बाहर वकीलों पर हमला करने का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज कराई थी।
शिकायत के अनुसार, वकीलों ने उन्हें घेर लिया, मारपीट की और वर्दी फाड़ दी।
इस घटना के विरोध में Saket Bar Association ने 19 जुलाई को पूर्ण हड़ताल की घोषणा की।
⚠️ वकीलों का आरोप
वकीलों ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि:
पुलिस ने एकतरफा कार्यवाही की और वकीलों को ही दोषी ठहराया।
जब वकील पुलिस के खिलाफ शिकायत करते हैं तो कोई कार्रवाई नहीं होती, जबकि पुलिस की शिकायत पर तुरंत FIR दर्ज हो जाती है।
यह एक पक्षपातपूर्ण रवैया है, जिससे वकील समुदाय आहत है।
👮♂️ पुलिस और प्रशासन की तैयारी
साकेत कोर्ट परिसर और मुख्य द्वारों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए त्वरित कार्रवाई बल भी तैनात है।
🏛️ आज की स्थिति
कोर्ट की भौतिक और वर्चुअल दोनों सुनवाई ठप रही।
न्यायिक कार्य पूरी तरह से स्थगित रहा।
बार काउंसिल और उच्च न्यायालय से फैसले में पारदर्शिता की मांग की गई है।
📢 निष्कर्ष
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि कानून के रक्षकों और कानून लागू करने वालों के बीच संतुलन कैसे बना रहे। वकीलों का यह विरोध न केवल एक FIR के खिलाफ है, बल्कि न्याय व्यवस्था में निष्पक्षता और समान व्यवहार की माँग भी है।

