SDM ज्योति मौर्या केस: पति आलोक मौर्या ने हाईकोर्ट में दाखिल की याचिका, मांग रहे हैं गुजारा भत्ता
प्रयागराज | 15 जुलाई 2025 — उत्तर प्रदेश की चर्चित पीसीएस अधिकारी एसडीएम ज्योति मौर्या के मामले में एक नया मोड़ आया है। उनके पति आलोक मौर्या, जो कि एक स्वच्छता कर्मचारी हैं, ने अब इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया है। उन्होंने कोर्ट से अनुरोध किया है कि उनकी पत्नी से उन्हें गुजारा भत्ता (maintenance) दिलाया जाए।
⚖️ क्या है मामला?
आलोक मौर्या का दावा है कि शादी के बाद उन्होंने अपनी पत्नी की पढ़ाई और तैयारी में मदद की, जिसके बाद ज्योति मौर्या एक सफल प्रशासनिक अधिकारी बनीं। लेकिन अब दोनों के बीच रिश्तों में दरार आ चुकी है और दोनों अलग-अलग रह रहे हैं।
इससे पहले फैमिली कोर्ट ने आलोक की ओर से दायर गुजारा भत्ता याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि वह खुद सक्षम हैं। अब आलोक ने इस फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में अपील की है।
🏛️ कोर्ट की सुनवाई कब?
इलाहाबाद हाईकोर्ट की बेंच ने मामले की सुनवाई के लिए 8 अगस्त 2025 की तारीख तय की है। कोर्ट ने एसडीएम ज्योति मौर्या को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
📜 कानूनी बिंदु
आलोक मौर्या ने “हिंदू विवाह अधिनियम” की धारा 24 के तहत गुजारा भत्ता मांगा है, जो पति या पत्नी को आर्थिक रूप से निर्भर होने पर भत्ता दिलाने की सुविधा देती है।
केस में यह भी बहस का विषय है कि क्या आर्थिक रूप से सक्षम पत्नी से पति गुजारा भत्ता मांग सकता है।
🔍 पृष्ठभूमि
ज्योति और आलोक की शादी 2010 में हुई थी। शादी के शुरुआती वर्षों में आलोक ने ज्योति की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में सहयोग किया। इसके बाद ज्योति का चयन पीसीएस में हुआ। लेकिन नौकरी लगने के कुछ वर्षों बाद दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया।
📝 निष्कर्ष
यह केस केवल एक वैवाहिक विवाद नहीं, बल्कि लैंगिक समानता और कानूनी अधिकारों की दृष्टि से भी अहम है। हाईकोर्ट का निर्णय न केवल व्यक्तिगत न्याय सुनिश्चित करेगा, बल्कि समाज में इस प्रकार के मुद्दों पर नई सोच को भी जन्म देगा।

