‘सूत्र ही तो सब कुछ है’: पप्पू यादव का तेजस्वी यादव को जवाब, चुनाव आयोग को बताया ‘धृतराष्ट्र’
पटना, 15 जुलाई 2025 – बिहार की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के ‘सूत्र को मूत्र’ बताने वाले विवादित बयान पर जन अधिकार पार्टी (लोकतांत्रिक) के प्रमुख पप्पू यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने तेजस्वी के बयान की आलोचना करते हुए कहा – “सूत्र ही तो सब कुछ है”, और साथ ही चुनाव आयोग को ‘धृतराष्ट्र’ की संज्ञा देते हुए उसकी निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए।
🧾 क्या बोले पप्पू यादव?
पप्पू यादव ने कहा कि चुनाव आयोग को संविधान और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करना चाहिए। लेकिन वर्तमान में आयोग एक ऐसे ‘धृतराष्ट्र’ की तरह व्यवहार कर रहा है, जो सब कुछ देखकर भी अनदेखा कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग “मनोवैज्ञानिक विकृति” का शिकार हो चुका है और जनता के अधिकारों की रक्षा करने में असफल रहा है।
🔥 तेजस्वी यादव के बयान की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले तेजस्वी यादव ने मतदाता सूची में विदेशी नामों की बात करते हुए आयोग द्वारा दिए गए ‘सूत्रों’ पर सवाल उठाए थे। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा था – “सूत्र को मूत्र मत समझिए”, जिससे विवाद खड़ा हो गया। पप्पू यादव ने इसे गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि सूत्रों का मजाक उड़ाना लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का अपमान है।
🏛️ चुनाव आयोग पर निशाना
पप्पू यादव ने कहा कि चुनाव आयोग को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार काम करना चाहिए, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। उन्होंने आयोग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह अब निष्पक्ष संस्था नहीं रह गई, बल्कि एक पक्षपाती व्यवस्था में बदल गई है।
📌 निष्कर्ष
बिहार चुनावों से पहले राजनीतिक बयानों की गर्मी बढ़ती जा रही है। तेजस्वी यादव और पप्पू यादव के बीच यह बयानबाज़ी न सिर्फ चुनावी रणनीति को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि चुनावी संस्थाओं की विश्वसनीयता को लेकर भी राजनीतिक दलों के भीतर असंतोष बढ़ रहा है।

