नोएडा संवाददाता प्रमोद दीक्षित
नोएडा। औद्योगिक गतिविधियों के बड़े केंद्र नोएडा में श्रमिकों और कर्मचारियों के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी संभालने वाले ईएसआई अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। अस्पताल में मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा मिलने के बजाय उन्हें अव्यवस्था और कथित लापरवाही का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे बताए जा रहे हैं कि मरीज को अस्पताल तक पहुंचाने के बाद उसे वार्ड में भर्ती कराने और संबंधित कर्मचारियों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी तीमारदारों को ही उठानी पड़ती है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर अस्पताल की जवाबदेही तय कौन करेगा? डॉक्टरों की उपस्थिति, मरीजों की नियमित जांच, आपातकालीन सहायता, वार्डों में देखभाल और शिकायतों के निस्तारण की व्यवस्था की निगरानी क्यों नहीं हो रही? शासन और प्रशासन को केवल कागजी रिपोर्ट के आधार पर संतुष्ट होने के बजाय अस्पताल की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करना चाहिए।
सरकार और ईएसआई के उच्चाधिकारियों से मांग है कि नोएडा ईएसआई अस्पताल की कार्यप्रणाली की तत्काल निष्पक्ष जांच कराई जाए। डॉक्टरों की उपस्थिति और मरीजों के उपचार का रिकॉर्ड जांचा जाए, चार दिन से भर्ती मरीज से जुड़े आरोपों की पड़ताल हो तथा लापरवाही प्रमाणित होने पर जिम्मेदार कर्मचारियों और अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
ईएसआई अस्पताल कर्मचारियों के अंशदान से जुड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा है। यहां आने वाला व्यक्ति किसी पर एहसान लेने नहीं, बल्कि अपने अधिकार के तहत इलाज कराने पहुंचता है। मरीजों को समय पर उपचार और सम्मानजनक देखभाल मिलना सुनिश्चित करना अस्पताल प्रशासन की जिम्मेदारी है। इस जिम्मेदारी में लापरवाही की शिकायतों को अब अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए।

