दिल्ली में बम धमकी से दहशत: 3 दिन में 10 स्कूलों को उड़ाने की धमकी, केजरीवाल का बीजेपी पर तीखा हमला
नई दिल्ली | जुलाई 2025
राजधानी दिल्ली में पिछले तीन दिनों के भीतर 10 स्कूल और 1 कॉलेज को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया है। ईमेल के माध्यम से मिली इन धमकियों से बच्चों, अभिभावकों और स्कूल प्रशासन में डर का माहौल है। वहीं मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस घटनाक्रम पर भाजपा पर तीखा हमला बोला है।
🧨 किसे मिली धमकी?
बम धमकियों से प्रभावित स्कूल और संस्थान:
St. Thomas School, द्वारका
Navy Children’s School, चाणक्यपुरी
Richmond Global, पश्चिम विहार
Sardar Patel Vidyalaya, लोधी एस्टेट
CRPF Public School, द्वारका सेक्टर-16
Vasant Valley School, वसंत कुंज
Mother’s International School, हौज खास
St. Stephen’s College, DU
साथ ही कुछ अन्य निजी स्कूल
इन सभी संस्थानों को ईमेल द्वारा बताया गया कि परिसर में IED या RDX रखा गया है, जो एक निश्चित समय पर फटेगा।
👮♂️ क्या रही प्रशासनिक प्रतिक्रिया?
सभी स्कूल तुरंत खाली कराए गए
बम स्क्वॉड, डॉग स्क्वॉड और पुलिस बल मौके पर पहुंचे
कोई विस्फोटक नहीं मिला, सभी धमकियां फर्जी साबित हुईं
साइबर सेल जांच में जुटी — ईमेल का सोर्स ट्रेस किया जा रहा है, शुरुआती जांच में विदेशी सर्वर (संभवतः रूस) से कनेक्शन का संदेह
🗣️ केजरीवाल का बयान – भाजपा पर आरोप
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा पर हमला बोला:
“बच्चों की जान के साथ खेला जा रहा है। ये सिर्फ दहशत फैलाने का काम नहीं, बल्कि राजनीतिक साजिश का हिस्सा लगता है। चार इंजन की सरकार सिर्फ पोस्टर लगाने में व्यस्त है, बच्चों की सुरक्षा इनके एजेंडे में नहीं।”
उन्होंने दिल्ली पुलिस से जल्द कार्रवाई की मांग की और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।
📊 क्या कहती है रिपोर्ट?
| घटक | विवरण |
|---|---|
| कुल संस्थान | 10 स्कूल, 1 कॉलेज (3 दिन में) |
| माध्यम | ईमेल द्वारा धमकी (IED/RDX की जानकारी) |
| प्रशासनिक कदम | सभी स्कूल खाली, सर्च ऑपरेशन, कोई विस्फोटक नहीं मिला |
| जांच | साइबर सेल, संभावित विदेशी लिंक |
| राजनीतिक प्रतिक्रिया | केजरीवाल ने भाजपा को ठहराया जिम्मेदार |
📢 निष्कर्ष
यह घटनाक्रम केवल बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा नहीं है, बल्कि देश की साइबर और आंतरिक सुरक्षा के लिए एक गंभीर चेतावनी है। स्कूलों को आतंकित करने की ये कोशिशें हमारे सिस्टम की परीक्षा ले रही हैं। अब वक्त है कि सख्त कार्रवाई हो — ताकि शिक्षा का मंदिर कभी डर का केंद्र न बने।

