उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने किया यमुना वाटिका और बांसेरा पार्क का दौरा
उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना भी रहे साथ | दिल्ली को मिल रहे हैं “नए फेफड़े”
📅 तिथि: 17 जुलाई 2025
📍 स्थान: यमुना वाटिका व बांसेरा पार्क, दिल्ली
✍️ रिपोर्ट: वेब डेस्क, नई दिल्ली
🔷 हरित दिल्ली की दिशा में ऐतिहासिक कदम
उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने आज राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के यमुना वाटिका और बांसेरा पार्क का दौरा किया। इस दौरान उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने उनका स्वागत किया और परियोजनाओं का विस्तार से अवलोकन करवाया।
दोनों गणमान्य व्यक्तियों ने दिल्लीवासियों के लिए विकसित की जा रही हरित और पर्यावरणीय संरचनाओं की सराहना की और इसे “दिल्ली के नए फेफड़े” की संज्ञा दी।
🌳 यमुना वाटिका: दिल्ली के ग्रीन लैंडमार्क की ओर
यमुना किनारे स्थित यह वाटिका विशेष रूप से ट्रिपल लेयर्ड फ्लावर बेड्स, जलाशय, और वॉकिंग ट्रैक जैसी सुविधाओं से सुसज्जित है।
यह परियोजना यमुना की सफाई और बाढ़ मैदानों के सतत विकास की एक मिसाल बन रही है।
बागवानी, जल संरक्षण, और शहरी जैव विविधता का संतुलित संयोजन यहां देखने को मिल रहा है।
🌿 बांसेरा पार्क: स्वच्छ हवा, शांत वातावरण
यमुना किनारे विकसित बांसेरा पार्क न केवल पर्यावरणीय सुधार की दिशा में एक मॉडल है, बल्कि यह स्वस्थ जीवनशैली को भी बढ़ावा देता है।
पार्क में प्राकृतिक तालाब, जूट पथ, आरामगृह, और स्थानीय प्रजातियों के वृक्षों को प्राथमिकता दी गई है।
🎙️ उपराष्ट्रपति का वक्तव्य
“दिल्ली को नए फेफड़े मिल रहे हैं। ये स्थान सिर्फ पार्क नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए ऑक्सीजन बैंक हैं।”
— जगदीप धनखड़, उपराष्ट्रपति भारत
उन्होंने कहा कि भारत अब चौथी सबसे बड़ी वैश्विक अर्थव्यवस्था बन चुका है, और हम तेजी से तीसरे स्थान की ओर अग्रसर हैं। “यह समय सिर्फ आर्थिक विकास का नहीं, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन और नागरिक सुविधाओं के सशक्तीकरण का है,” उन्होंने जोड़ा।
👤 उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना की भूमिका
दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना की अगुवाई में यमुना रिवरफ्रंट विकास, धूल नियंत्रण, और हरित संरचनात्मक योजनाओं को बल मिला है।
उनके द्वारा लागू की गई जूट पाथवे, रेनवॉटर हार्वेस्टिंग, और स्थानीय समुदाय भागीदारी मॉडल को देशभर में सराहा जा रहा है।
🧭 आगे की योजनाएँ
| लक्ष्य | विवरण |
|---|---|
| यमुना बायोडायवर्सिटी संरक्षण | देसी पौधों और जलजीवों को बढ़ावा |
| पर्यावरण शिक्षा व जन जागरूकता | स्कूलों व स्थानीय समूहों के लिए विशेष कार्यक्रम |
| सतत विकास मॉडल का निर्माण | ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा दक्षता और जल प्रबंधन |
| हेल्थ + टूरिज्म इंटीग्रेशन | “हेल्दी दिल्ली – टूरिज्म दिल्ली” थीम पर आधारित |
📌 निष्कर्ष
उपराष्ट्रपति और उपराज्यपाल द्वारा किया गया यह दौरा केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि यह संदेश देता है कि दिल्ली अब हरित क्रांति की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। इन परियोजनाओं के माध्यम से न केवल पर्यावरणीय लाभ मिलेंगे, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ और सुंदर राजधानी का निर्माण भी सुनिश्चित करेंगे।

