बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने की शिव आराधना; भक्ति, प्रेम, भाईचारे और एकता से शिवमय हुआ किरंदुल
किरंदुल। नगर परिवार की सुख-शांति, समृद्धि, आरोग्यता एवं मंगलकामनाओं को लेकर श्री राघव मंदिर परिसर में 111 पार्थिव शिवलिंग महादेव का सामूहिक रुद्राभिषेक एवं शिव आराधना का भव्य आयोजन श्रद्धा और भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ। इस धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में नगरवासियों एवं श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।

श्रद्धालुओं ने विधि-विधान एवं पूरे भक्तिभाव के साथ भगवान भोलेनाथ का पूजन-अर्चन एवं रुद्राभिषेक किया। एक साथ 111 पार्थिव शिवलिंगों की पूजा और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सामूहिक शिव आराधना का दृश्य अत्यंत मनोहारी एवं भावविभोर करने वाला रहा।
पूरे मंदिर परिसर में “ॐ नमः शिवाय” और “हर-हर महादेव” के जयघोष गूंजते रहे, जिससे वातावरण पूरी तरह शिवमय हो गया। आयोजन के दौरान नगरवासियों के बीच आपसी प्रेम, अपनत्व, सहयोग, भाईचारे और सामाजिक एकता की सुंदर झलक देखने को मिली। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पूरा किरंदुल नगर एक परिवार के रूप में भगवान भोलेनाथ की आराधना में एकजुट हो गया हो।
इस आयोजन की सफलता में श्री राम जन कल्याण सेवा समिति एवं गायत्री परिवार, किरंदुल सहित सभी पदाधिकारियों, सदस्यों, कार्यकर्ताओं एवं सेवाभावी सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। विशाल धार्मिक अनुष्ठान को सुव्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के लिए की गई व्यवस्थाएं एवं श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विशेष ध्यान सराहनीय रहा।

नगरवासियों ने भी पूरे उत्साह, श्रद्धा और समर्पण के साथ आयोजन में भाग लेकर इसे सफल एवं यादगार बनाया। बच्चों, युवाओं, मातृशक्ति एवं वरिष्ठजनों की सहभागिता ने आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया।
यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सनातन संस्कृति, सामूहिक आस्था, सामाजिक सद्भाव और नगर की एकजुटता का सुंदर संदेश भी देता नजर आया।
आयोजन के सफल समापन पर समस्त नगरवासियों, श्रद्धालुओं, सेवाभावी संस्थाओं तथा प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। साथ ही भगवान भोलेनाथ से प्रार्थना की गई कि उनकी कृपा सदैव किरंदुल नगर एवं प्रत्येक परिवार पर बनी रहे तथा सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि, आरोग्यता एवं खुशहाली का वास हो।
“आस्था ने सबको जोड़ा, भक्ति ने दिलों को एक किया,
भोलेनाथ की आराधना में पूरा किरंदुल शिवमय हुआ।”

