श्री गुरु तेग बहादुर साहिब शहीदी पर्व: लखनऊ से दिल्ली तक संदेश यात्रा का भव्य स्वागत
लखनऊ / दिल्ली, 12 जुलाई 2025 — श्री गुरु तेग बहादुर साहिब के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर एक विशेष “संदेश यात्रा” निकाली गई है। इस पावन यात्रा की शुरुआत 12 जुलाई की सुबह लखनऊ के गुरुद्वारा नाका हिंडोला से हुई और इसे राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।
🚩 यात्रा का प्रारंभ और आराधना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुद्वारे की प्रांगण में यात्रा का स्वागत करते हुए इसकी आध्यात्मिक महत्ता को रेखांकित किया ।
कीर्तन और कथा‑विचार का संचालन किया गया, जिसके बाद गुरु लंगर वितरित किया गया। यह सभी भागीदारों के लिए एक आध्यात्मिक अनुभव रहा ।
🛤️ यात्रा का मार्ग
यात्रा की शुरुआत लखनऊ से हुई और यह क्रमशः कानपुर → इटावा → आगरा होकर दिल्ली में चांदनी चौक और शीशगंज गुरुद्वारे में समाप्त होगी, जहां गुरु साहिब की शहादत की याद को श्रद्धापूर्वक मनाया जाएगा ।
🎯 यात्रा का संदेश
गुरु तेग बहादुर साहिब ने धर्मनिरपेक्षता, मानवता और अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाई—उनका जीवन “सिर दे सकते हैं, पर धर्म नहीं छोड़ते” का प्रमाण है।
यह यात्रा इन आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने तथा सामाजिक एकता और धार्मिक सहिष्णुता का संदेश फैलाने का माध्यम है।
✅ आगे की उम्मीद और महत्व
दिल्ली सरकार ने 350वें शहीदी पर्व को वार्षिक आयोजन का दर्जा देने का प्रस्ताव पारित किया है, जिसमें Red Fort पर नियॉन लाइट शो, कीर्तन दरबार, चर्चाएं और प्रदर्शनियाँ शामिल होंगी ।
साथ ही, राज्य-प्लान में विवेकपूर्ण शिक्षा, सांस्कृतिक कार्यक्रम और अकादमिक पहल भी जुड़ रही हैं—जैसे दिल्ली विश्वविद्यालय में शहीदी इतिहास पर कोर्स और पत्रकारों में जागरूकता अभियान ।
📝 निष्कर्ष
श्री गुरु तेग बहादुर साहिब की शहादत सिर्फ एक ऐतिहासिक घटना नहीं है, बल्कि धर्मनिरपेक्षता, न्याय और सहिष्णुता का अमर संदेश है। लखनऊ से दिल्ली तक निकली यह संदेश यात्रा, उनके आदर्शों को जीवंत करती है और हमें मानवता के मूल्यों के प्रति जागरूक करती है।

