AAP का ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन: सरकारी स्कूलों के बंद होने पर सौंपा राज्यपाल के नाम ज्ञापन
गौतमबुद्धनगर।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्राथमिक विद्यालयों को बंद करने के निर्णय के खिलाफ आम आदमी पार्टी, गौतमबुद्धनगर ने ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन प्रदेश प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद श्री संजय सिंह के निर्देश पर आयोजित हुआ, जिसका नेतृत्व जिलाध्यक्ष राकेश अवाना ने किया। सैकड़ों कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की मौजूदगी में यह प्रदर्शन शिक्षा के प्रति सरकार की उपेक्षा के खिलाफ एक तीखा संदेश लेकर आया।
राकेश अवाना ने कहा,
“यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक ओर सरकार गाँव-गाँव शराब की दुकानें खोल रही है, वहीं दूसरी ओर शिक्षा के मंदिरों पर ताले लगा रही है। आम आदमी पार्टी यह अन्याय किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं करेगी।”
उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली और पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकारों ने सरकारी स्कूलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाया है, और यही उत्तर प्रदेश में भी संभव है — बशर्ते राजनीतिक इच्छाशक्ति हो। उन्होंने योगी सरकार पर आरोप लगाया कि उसके पास न तो नीति है और न ही नीयत।
प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने सिटी मजिस्ट्रेट विवेक भदौरिया को ज्ञापन सौंपा, जिसमें यह माँग की गई कि 16 जून 2025 को जारी शासनादेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि यह आदेश शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) और बाल अधिकार संरक्षण अधिनियम का खुला उल्लंघन है, जो प्रत्येक बच्चे को एक किलोमीटर के भीतर स्कूल की सुविधा प्रदान करने की गारंटी देता है।
किसान प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष अशोक कमांडो ने कहा:
“गाँवों में शिक्षा की सुविधा समाप्त कर सरकार शराब की दुकानें खोल रही है, यह ग्रामीण समाज और किसान परिवारों के भविष्य पर सीधा हमला है।”
युवा प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष पंकज अवाना ने कहा:
“सरकारी स्कूलों को बंद करना प्रदेश के लाखों बेरोज़गार युवाओं के सपनों की हत्या है, जो वर्षों से शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे हैं।”
प्रदर्शन में शामिल प्रमुख कार्यकर्ता:
कैलाश शर्मा (जिला महासचिव), प्रशांत रावत (संगठन मंत्री), दीप बेलवाल, मुन्ना गुप्ता (जिला उपाध्यक्ष), विजय श्रीवास्तव, जयकिशन जयसवाल, प्रवीन धीमान, जतन भाटी, परशुराम चौधरी, सतीश गौतम, तरुण चौहान, विवेक सिंह, सिकंदर ठाकुर, शमशाद, राजकुमार चौधरी, राहुल, संदीप भाटी, धर्मेंद्र प्रधान, और अन्य सैकड़ों कार्यकर्ता।

