नोएडा। सेक्टर-62 स्थित आईएमएस नोएडा में महिलाओं के स्वास्थ्य, स्वच्छता और सम्मान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना, इससे जुड़े सामाजिक मिथकों और भ्रांतियों को दूर करना तथा महिलाओं के स्वास्थ्य और सम्मान के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना था।
कार्यक्रम के दौरान संस्थान के सलाहकार प्रोफेसर डॉ. जे.के. शर्मा ने कहा कि मासिक धर्म स्वास्थ्य केवल स्वास्थ्य का विषय नहीं है, बल्कि यह लैंगिक समानता, शिक्षा में समान भागीदारी और मानवीय गरिमा से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। उन्होंने युवाओं से इस विषय पर समाज में जागरूकता फैलाने की अपील की।
कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. गोविंद प्रसाद गोयल ने बताया कि कार्यक्रम के अंतर्गत मासिक धर्म स्वच्छता पर एक विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किया गया, जिसमें विशेषज्ञों और शिक्षकों ने छात्राओं को स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी। इंटरैक्टिव सत्र के दौरान छात्राओं ने खुलकर प्रश्न पूछे और मासिक धर्म से जुड़े कई मिथकों व भ्रांतियों पर चर्चा की गई।
इस अवसर पर आईएमएस लॉ कॉलेज की विभागाध्यक्ष डॉ. अंजुम हसन ने कहा कि आज भी समाज में मासिक धर्म से जुड़े कई मिथक और झिझक मौजूद हैं, जिन्हें दूर करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वे ऐसे विषयों पर खुलकर संवाद का मंच उपलब्ध कराएं, ताकि छात्राएं जागरूक बनें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

