**18 मार्च 2026 | उत्तराखंड न्यूज़**
उत्तराखंड के प्रसिद्ध बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए चारधाम यात्रा के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू कर दी है।[1][2] इसके तहत गैर-सनातनीयों का मंदिरों के गर्भगृह और परिसर में प्रवेश बंद कर दिया गया है। यह कदम मंदिरों की पवित्रता को बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।[3]
प्रमुख बदलाव क्या हैं?
– **गैर-सनातनीयों पर रोक**: केवल सनातन धर्म में आस्था रखने वाले श्रद्धालु ही गर्भगृह में प्रवेश कर सकेंगे। गैर-हिंदुओं को एफिडेविट जमा करना पड़ सकता है।
– मोबाइल फोटोग्राफी प्रतिबंधित : मंदिर परिसर में मोबाइल से फोटो-वीडियो लेना पूरी तरह बंद।
– 47 मंदिर प्रभावित: बद्रीनाथ, केदारनाथ सहित 47 मंदिरों पर यह नियम लागू होगा।
BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने देहरादून बैठक में कहा, “यह फैसला धार्मिक परंपराओं की रक्षा के लिए आवश्यक है।”
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चारधाम यात्रा 2026 की तारीखेंचारधाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू हो रही है। मुख्य तिथियां:
| धाम | कपाट खुलने की तारीख |
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| गंगोत्री-यमुनोत्री | 19 अप्रैल |
| केदारनाथ | 22 अप्रैल |
| बद्रीनाथ | 23 अप्रैल |[1]
बजट: कुल 121 करोड़ रुपये, जिसमें केदारनाथ को 63.6 करोड़ और बद्रीनाथ को 57.5 करोड़ आवंटित।[1]
## विवाद और प्रतिक्रियाएं
फैसले पर बॉलीवुड अभिनेत्री सारा अली खान का नाम जोड़कर चर्चा तेज। उन्हें यात्रा के दौरान एफिडेविट देना पड़ सकता है।[5][6] तीर्थ पुरोहितों के कल्याण के लिए अलग कोष भी गठित किया गया है।[1]
यह नियम यात्रा को और व्यवस्थित बनाने के साथ-साथ धार्मिक शुद्धता सुनिश्चित करेगा।

