नोएडा संवाददाता प्रमोद दीक्षित
नोएडा। आधुनिक तकनीक और रिकॉर्डेड आवाजों के दौर में भी भगवान श्रीराम की लीलाओं को पारंपरिक अंदाज में जीवंत रखने का प्रयास नोएडा के सेक्टर-12 में आयोजित श्री बजरंग रामलीला में देखने को मिल रहा है। यहां रामलीला का मंचन केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय लोकनाट्य परंपरा को सहेजने की एक महत्वपूर्ण पहल भी है। रामलीला के दूसरे दिन नोएडा मीडिया क्लब के अध्यक्ष आलोक द्विवेदी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद भगवान लक्ष्मी-नारायण की आरती कर सुख-समृद्धि और मंगल की कामना की गई।
कलाकारों के संवाद और अभिनय में दिखती है पारंपरिक रामलीला की झलक
सेक्टर-12 स्थित श्री बजरंग रामलीला संचालिका न्यास की रामलीला की सबसे खास पहचान इसका पारंपरिक मंचन है। यहां कलाकार स्वयं मंच पर उपस्थित होकर अपने संवाद बोलते हैं और अभिनय के माध्यम से कथा को आगे बढ़ाते हैं। आयोजकों की ओर से अपनाई जा रही इस शैली में कलाकारों के प्रत्यक्ष संवाद और उनकी अपनी आवाज को विशेष महत्व दिया जाता है। इससे दर्शकों को रामलीला के पारंपरिक स्वरूप का अनुभव मिलता है।
आज जब कई स्थानों पर आधुनिक मंच सज्जा और पहले से रिकॉर्ड की गई आवाजों के सहारे रामलीला का मंचन किया जाता है, ऐसे समय में सेक्टर-12 की यह रामलीला अपनी अलग पहचान बनाए हुए है। यहां मंच पर कलाकारों की मौजूदगी, उनके संवाद बोलने की शैली और कथा के अनुरूप अभिनय दर्शकों को पारंपरिक लोकनाट्य से जोड़ता है।
स्थानीय कलाकारों के जरिए जीवंत हो रही सांस्कृतिक विरासत
श्री बजरंग रामलीला की परंपरा स्थानीय स्तर पर रामकथा के मंचन से जुड़ी रही है। इस आयोजन का इतिहास वर्ष 1995 से जुड़ा है, जब सेक्टर-12 में रामलीला की शुरुआत की गई थी। समय के साथ आयोजन का स्वरूप विकसित हुआ, लेकिन पारंपरिक मंचन की पहचान को बनाए रखने पर जोर दिया जाता रहा है।
रामलीला जैसे आयोजन नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, धार्मिक आख्यानों और लोकनाट्य की परंपराओं से परिचित कराने का माध्यम बनते हैं। मंच पर प्रस्तुत प्रसंगों के जरिए भगवान श्रीराम के आदर्श, मर्यादा, कर्तव्य और धर्म के संदेश जनमानस तक पहुंचते हैं। साथ ही, स्थानीय कलाकारों को अपनी अभिनय प्रतिभा दिखाने और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ने का अवसर भी मिलता है।
दूसरे दिन के शुभारंभ में धार्मिक विधि-विधान का रहा विशेष महत्व
रामलीला के दूसरे दिन आयोजित कार्यक्रम में दीप प्रज्वलन और भगवान लक्ष्मी-नारायण की आरती के साथ धार्मिक वातावरण बना। नोएडा मीडिया क्लब के अध्यक्ष आलोक द्विवेदी ने दीप प्रज्वलित कर मंचन की शुरुआत कराई। आयोजन में परंपरा के अनुरूप धार्मिक अनुष्ठानों के बाद रामलीला की प्रस्तुति आगे बढ़ी।
सेक्टर-12 की यह रामलीला गौतमबुद्ध नगर में पारंपरिक शैली के सांस्कृतिक आयोजनों की चर्चा के बीच अपनी विशिष्ट पहचान रखती है। इसका उद्देश्य केवल दर्शकों का मनोरंजन करना नहीं, बल्कि रामकथा की मूल भावना और पारंपरिक अभिनय शैली को आगे बढ़ाना भी है।
परंपरा को सहेजने का संदेश
श्री बजरंग रामलीला का पारंपरिक स्वरूप यह याद दिलाता है कि आधुनिकता के बीच भी सांस्कृतिक विरासत को अपनी मूल पहचान के साथ आगे बढ़ाया जा सकता है। मंच पर कलाकारों के प्रत्यक्ष संवाद, अभिनय और धार्मिक प्रसंगों की प्रस्तुति इस आयोजन को विशिष्ट बनाती है।
सेक्टर-12 में आयोजित रामलीला के दूसरे दिन दीप प्रज्वलन के साथ शुरू हुआ कार्यक्रम इसी सांस्कृतिक निरंतरता का प्रतीक बना। रामकथा के माध्यम से धार्मिक आस्था, सामाजिक मूल्यों और भारतीय परंपराओं को जन-जन तक पहुंचाने का यह प्रयास नोएडा की सांस्कृतिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

