गाजियाबाद। पुलिस और आम जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने, लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत करने और उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कमिश्नरेट गाजियाबाद में ‘आपकी पुलिस आपके द्वार’ अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इस अभियान के अंतर्गत कमिश्नरेट के समस्त थानों में नियुक्त प्रत्येक पुलिसकर्मी को अपने-अपने थानाक्षेत्र में रहने वाले कम से कम 10 परिवारों के घर जाकर उनसे सीधे संवाद करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस पहल के तहत पुलिसकर्मी घर-घर जाकर वहां रहने वाले लोगों से मुलाकात करेंगे और उनका कुशलक्षेम पूछेंगे। इस दौरान पुलिसकर्मी परिवार के सदस्यों को बताएंगे कि वे ‘आपकी पुलिस आपके द्वार’ अभियान के अंतर्गत उनके घर आए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों से सीधे संपर्क स्थापित करना और उनकी समस्याओं को सुनकर उनके समाधान की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करना है।
घर-घर जाकर सुनी जाएंगी लोगों की समस्याएं
अभियान के तहत पुलिसकर्मी लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याओं, शिकायतों और सुरक्षा संबंधी चिंताओं की जानकारी प्राप्त करेंगे। यदि किसी परिवार को कोई परेशानी है, तो वह अपनी समस्या पुलिसकर्मी को मौखिक या लिखित रूप में बता सकेगा। इसके बाद संबंधित समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकेंगे।
इस पहल से लोगों को अपनी बात पुलिस तक पहुंचाने के लिए केवल थाने जाने पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। पुलिस स्वयं उनके घर पहुंचकर उनकी समस्याओं को जानने और उन्हें उचित सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास करेगी।
जनता और पुलिस के बीच मजबूत होगा विश्वास
आमतौर पर कई लोग अपनी समस्याओं को लेकर थाने जाने में संकोच करते हैं या उन्हें यह जानकारी नहीं होती कि अपनी शिकायत किस अधिकारी के सामने रखें। ऐसे में घर-घर पहुंचने का यह अभियान पुलिस और जनता के बीच की दूरी कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
पुलिसकर्मियों के सीधे संवाद से क्षेत्र में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा संबंधी जरूरतों, स्थानीय समस्याओं और शिकायतों की जानकारी भी मिल सकेगी। इससे पुलिस को अपने थानाक्षेत्र की परिस्थितियों को बेहतर ढंग से समझने और आवश्यकतानुसार कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।
जनसहभागिता से बेहतर होगी कानून-व्यवस्था
कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस के साथ-साथ आम नागरिकों की सहभागिता भी महत्वपूर्ण होती है। जब लोगों को भरोसा होता है कि पुलिस उनकी बात सुनेगी और उनकी समस्याओं पर कार्रवाई करेगी, तो वे भी अपराध की रोकथाम और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने के लिए आगे आते हैं।
‘आपकी पुलिस आपके द्वार’ अभियान इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अब देखना होगा कि इस अभियान के तहत होने वाले जनसंवाद से लोगों की समस्याओं के निस्तारण और पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ाने में कितनी प्रभावी सफलता मिलती है।

