लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने कैब सेवाओं को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब राज्य में संचालित होने वाली कैब एग्रीगेटर कंपनियों जैसे ओला और उबर को राज्य सरकार के साथ अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होगा। यह निर्णय राज्य में कैब सेवाओं को व्यवस्थित करने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
कैबिनेट की बैठक में लिए गए इस फैसले के तहत बिना पंजीकरण के कोई भी एग्रीगेटर कंपनी राज्य में टैक्सी सेवाएं संचालित नहीं कर सकेगी। सरकार का मानना है कि इससे यात्रियों की सुरक्षा, किराया नियंत्रण और सेवाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सकेगी।
बैठक में एक और अहम निर्णय लेते हुए प्रदेश के करीब पांच हजार गांवों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना को भी मंजूरी दी गई। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास और संपर्क व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा, जिससे गांवों में रहने वाले लोगों को सीधा लाभ मिल सकेगा।
सरकार का कहना है कि इन योजनाओं के लागू होने से न केवल परिवहन व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की रफ्तार भी तेज होगी। साथ ही लोगों को सुरक्षित और व्यवस्थित कैब सेवा का लाभ मिल सकेगा।
यूपी सरकार के इस फैसले को परिवहन व्यवस्था में सुधार और ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

