बिहार को चाहिए समग्र विकास, न कि विशेष राज्य का दर्जा: केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी
गया (बिहार), अगस्त 2025 — केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी ने बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की विपक्ष की मांग को खारिज करते हुए इसे “राजनीतिक नाटक” करार दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिहार में लगातार विकास हो रहा है और राज्य को अब सिर्फ सहयोग और योजनाबद्ध प्रगति की ज़रूरत है, न कि विशेष दर्जे की।
विकास की राजनीति हो प्राथमिकता
गया में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मांझी ने साफ शब्दों में कहा, “जो लोग आज विशेष राज्य का दर्जा मांग रहे हैं, वे केवल राजनीतिक स्टंट कर रहे हैं। बिहार के लिए प्रधानमंत्री ने जितना काम किया है, वह खुद में जवाब है।”
उन्होंने यह भी कहा कि “आज बिहार को जरूरत है सशक्त बुनियादी ढांचे, बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और रोज़गार के अवसरों की, न कि एक विशेष टैग की जो केवल वोट बैंक के लिए उठाया जाता है।”
नीति आयोग का पक्ष साफ
मांझी ने जानकारी दी कि नीति आयोग पहले ही यह स्पष्ट कर चुका है कि अब किसी भी राज्य को विशेष दर्जा नहीं दिया जाएगा। ऐसे में इस मुद्दे को बार-बार उठाना सिर्फ जनता को भ्रमित करने का प्रयास है। केंद्र सरकार बिहार को हरसंभव आर्थिक और संरचनात्मक सहायता दे रही है।
विपक्ष पर सीधा हमला
यह बयान ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस और आरजेडी जैसे दल बार-बार विशेष राज्य दर्जे की मांग दोहरा रहे हैं। मांझी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि “बिहार के लोग अब समझ चुके हैं कि कौन काम कर रहा है और कौन केवल मुद्दे उछाल रहा है।”
निष्कर्ष
जीतन राम मांझी का यह बयान साफ संकेत देता है कि अब बिहार की राजनीति में विकास को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। “काम कीजिए, टैग मत मांगिए” – उनके इस संदेश में बिहार के भविष्य की स्पष्ट झलक दिखाई देती है।

