नोएडा, 18 मई 2026:
भारत सरकार के विशेष दिशा-निर्देशों के अंतर्गत विश्व प्रसिद्ध सामाजिक एवं आध्यात्मिक संस्था ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा नोएडा के सेक्टर-52 स्थित केंद्र पर वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक विशेष जागरूकता एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बुजुर्गों में आत्मविश्वास, सकारात्मकता और मानसिक ऊर्जा का संचार करना था।
इस वर्ष केंद्र सरकार द्वारा देशभर में वरिष्ठ नागरिकों के मानसिक और सामाजिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए ब्रह्माकुमारीज़ संस्था को विशेष रूप से अधिकृत किया गया है। इसी पहल के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिकों और स्थानीय लोगों ने भाग लिया।
राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी लीना दीदी ने दिया प्रेरणादायक संदेश
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता नोएडा क्षेत्र की विभिन्न शाखाओं की प्रभारी राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी लीना दीदी रहीं।
पिछले 38 वर्षों से समाज सेवा और आध्यात्मिक जागरूकता के क्षेत्र में सक्रिय लीना दीदी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा:
“वृद्धावस्था जीवन का अंत नहीं, बल्कि अनुभवों का अनमोल खजाना है।”
उन्होंने कहा कि बुजुर्ग समाज की सबसे बड़ी ताकत हैं और उनके अनुभवों के बिना स्वस्थ एवं संतुलित समाज की कल्पना अधूरी है।
मानसिक स्वास्थ्य और सकारात्मक सोच पर जोर
लीना दीदी ने अपने संबोधन में वरिष्ठ नागरिकों के:
- मानसिक स्वास्थ्य
- सामाजिक सम्मान
- आत्मविश्वास
- भावनात्मक संतुलन
जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने बताया कि सकारात्मक सोच, राजयोग मेडिटेशन और आध्यात्मिक जागरूकता के माध्यम से जीवन के हर पड़ाव को उत्सव में बदला जा सकता है।
वरिष्ठ नागरिकों का किया गया सम्मान
कार्यक्रम के दौरान समाज के प्रति उल्लेखनीय योगदान देने वाले कई वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानित भी किया गया।
सम्मान प्राप्त करने वाले वरिष्ठजनों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम उन्हें:
- समाज में अपनी उपयोगिता का एहसास कराते हैं
- आत्मसम्मान बढ़ाते हैं
- मानसिक रूप से सकारात्मक बनाए रखते हैं

सात्विक भोजन और आत्मीय वातावरण बना आकर्षण
कार्यक्रम के अंत में ब्रह्माकुमारीज़ सेवा प्रभाग द्वारा सभी उपस्थित लोगों के लिए:
- पवित्र सात्विक भोजन
- आत्मीय संवाद
- सामूहिक ध्यान सत्र
का आयोजन किया गया।
आध्यात्मिकता और अपनत्व से भरे वातावरण ने पूरे कार्यक्रम को बेहद यादगार बना दिया।
समाज के लिए सकारात्मक संदेश
यह आयोजन केवल एक आध्यात्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज को यह संदेश देने का प्रयास था कि वरिष्ठ नागरिक किसी भी समाज की अमूल्य धरोहर होते हैं।
उनका सम्मान, मार्गदर्शन और मानसिक स्वास्थ्य समाज की प्राथमिकता होनी चाहिए।


