गोरखपुर की पंखुड़ी त्रिपाठी को मिली नई उड़ान: जनता दर्शन में सीएम योगी ने दिलाया पढ़ाई का भरोसा
📍 स्थान: पुरदिलपुर, कोतवाली क्षेत्र, गोरखपुर
📅 तारीख: 1 जुलाई 2025
📖 शिक्षा की राह में बाधा… फिर उम्मीद की किरण
गोरखपुर की रहने वाली कक्षा 7वीं की छात्रा पंखुड़ी त्रिपाठी के लिए यह नया सत्र जीवन भर के लिए यादगार बन गया। परिवार की आर्थिक तंगी के कारण उसकी पढ़ाई अधर में लटक गई थी—स्कूल फीस देने में असमर्थता के चलते बच्ची को स्कूल छोड़ना पड़ सकता था। लेकिन जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से एक मुलाकात ने उसकी तकदीर ही बदल दी।
🙏 “महाराज जी, पढ़ाई करनी है… फीस माफ करवा दीजिए”
मंगलवार को गोरखपुर में महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में पंखुड़ी त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी समस्या रखी। उसने विनम्रतापूर्वक कहा,
“महाराज जी, मुझे पढ़ाई करनी है… मेरी फीस माफ करवा दीजिए।”
मुख्यमंत्री ने बच्ची की आंखों में उम्मीद देखी और तुरंत अधिकारियों को निर्देश दिया:
“तुम पढ़ो, फीस की चिंता हम करेंगे।”
यह संवाद न केवल भावनात्मक था, बल्कि लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा बन गया।
🏫 सरकार का संदेश: कोई बच्चा पढ़ाई से वंचित नहीं रहेगा
CM योगी आदित्यनाथ ने साफ किया कि उत्तर प्रदेश सरकार का उद्देश्य है कि किसी भी बच्चे की शिक्षा आर्थिक तंगी की वजह से न रुके। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि बच्ची की पूरी पढ़ाई की जिम्मेदारी या तो सरकार लेगी या फीस माफ करवाई जाएगी।
🧡 पंखुड़ी के परिवार की प्रतिक्रिया
पंखुड़ी के माता-पिता ने राहत की सांस ली। उनका कहना है कि बेटी की पढ़ाई रुक जाने से वे बेहद दुखी थे, लेकिन अब उन्हें गर्व है कि सरकार ने उनकी बात सुनी और समाधान भी दिया। यह एक आम परिवार की असाधारण जीत है।
📸 सोशल मीडिया पर वायरल हुई मुलाकात
इस मुलाकात की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। हजारों लोगों ने ट्वीट और पोस्ट में मुख्यमंत्री योगी के इस मानवीय निर्णय की सराहना की। #PankhuriTripathi और #CMYogi ट्रेंड करने लगे।
📝 घटना का सारांश:
| तत्व | विवरण |
|---|---|
| छात्रा | पंखुड़ी त्रिपाठी, कक्षा 7वीं |
| समस्या | स्कूल फीस देने में असमर्थता |
| समाधान | CM योगी ने पढ़ाई का जिम्मा लिया / फीस माफ़ |
| स्थान | जनता दर्शन, गोरखपुर |
| प्रशासन की भूमिका | निर्देशानुसार फीस व्यवस्था की प्रक्रिया चालू |
🔔 निष्कर्ष
इस घटना ने साबित किया कि यदि सरकार संवेदनशील हो और आम जनता तक सीधा संवाद हो, तो हर गरीब बच्चा भी न केवल सपने देख सकता है, बल्कि उन्हें जी भी सकता है। पंखुड़ी की यह मुलाकात सिर्फ एक छात्रा की नहीं, बल्कि हर उस बच्ची की जीत है जिसकी राह में गरीबी दीवार बनकर खड़ी है।

