लखनऊ | 19 मार्च 2026
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने राम मंदिर और आस्था को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जो लोग पहले राम मंदिर और सनातन आस्था को “अंधविश्वास” बताते थे, वही लोग सत्ता बचाने के लिए नोएडा जाने से बचते थे।
मुख्यमंत्री ने यह टिप्पणी सरकार के 9 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में की।
“आस्था को अंधविश्वास कहने वाले खुद अंधविश्वास में फंसे थे”
सीएम योगी ने कहा कि पहले की सरकारों ने जनता की आस्था का सम्मान नहीं किया और राम मंदिर जैसे मुद्दों को अंधविश्वास बताया।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वही लोग “नोएडा जाने से डरते थे”, क्योंकि उन्हें लगता था कि वहां जाने से उनकी सत्ता चली जाएगी।
नोएडा मिथक तोड़ने का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने इस तथाकथित “नोएडा मिथक” को खत्म किया और विकास का रास्ता खोला।
उन्होंने बताया कि पहले यह धारणा थी कि जो भी मुख्यमंत्री नोएडा जाता है, उसकी कुर्सी चली जाती है, लेकिन उन्होंने इस सोच को चुनौती दी।
सीएम योगी के अनुसार,
अगर यह मिथक नहीं टूटता तो उत्तर प्रदेश आज देश के मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित नहीं हो पाता।
राम मंदिर को लेकर विपक्ष पर निशाना
Yogi Adityanath ने कहा कि पहले की सरकारें यह तक कहती थीं कि “राम का अस्तित्व ही नहीं है” और अयोध्या की उपेक्षा की गई।
उन्होंने कहा कि अब अयोध्या विकास और आस्था दोनों का केंद्र बन चुका है।
उत्तर प्रदेश के विकास मॉडल का जिक्र
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश को लेकर भी बात की।
उन्होंने दावा किया कि—
उत्तर प्रदेश आज निवेश के लिए प्रमुख राज्य बन चुका है
एक्सप्रेसवे नेटवर्क तेजी से बढ़ा है
बड़े स्तर पर औद्योगिक निवेश आ रहा है
राजनीतिक संदेश और संकेत
सीएम योगी का यह बयान साफ तौर पर विपक्ष पर निशाना माना जा रहा है।
उन्होंने एक तरफ जहां आस्था और राम मंदिर को लेकर अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं, वहीं दूसरी ओर पिछली सरकारों की नीतियों पर सवाल उठाए।
राम मंदिर और नोएडा मिथक को लेकर दिया गया यह बयान राजनीतिक और वैचारिक दोनों स्तर पर अहम माना जा रहा है।
अब देखना होगा कि इस पर विपक्ष की क्या प्रतिक्रिया आती है।

