नोएडा, 23 मार्च 2026।
मेदांता हॉस्पिटल, नोएडा के डॉक्टरों ने एक बार फिर अपनी उच्चस्तरीय चिकित्सा विशेषज्ञता का परिचय देते हुए 47 वर्षीय दिव्यांग मरीज सुमित त्यागी का कॉम्प्लेक्स किडनी ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक कर नया जीवन दिया है।
सुमित त्यागी पहले एक सड़क दुर्घटना में अपना दायां पैर खो चुके थे, जिसके चलते यह सर्जरी बेहद चुनौतीपूर्ण बन गई थी। उनकी जटिल मेडिकल स्थिति को देखते हुए यह ट्रांसप्लांट डॉक्टरों के लिए बड़ी परीक्षा साबित हुआ, लेकिन विशेषज्ञों की टीम ने इसे सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
डॉक्टरों के अनुसार, सामान्य परिस्थितियों में किडनी ट्रांसप्लांट दाईं ओर किया जाता है, लेकिन इस केस में मरीज की शारीरिक स्थिति के कारण बाईं ओर सर्जरी करनी पड़ी। साथ ही डोनर किडनी में डबल रीनल आर्टरी और डबल यूरेटर्स होने के कारण सर्जरी और भी जटिल हो गई थी।
इस चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया को डॉ. दुष्यंत नाडार (डायरेक्टर, यूरोलॉजी एवं किडनी ट्रांसप्लांट) और डॉ. मनोज कुमार सिंघल (डायरेक्टर, नेफ्रोलॉजी एवं किडनी ट्रांसप्लांट) के नेतृत्व में विशेषज्ञ टीम ने सफलतापूर्वक पूरा किया। टीम में डॉ. राहुल गुप्ता और डॉ. अभिनव वीरवाल भी शामिल रहे, जिन्होंने सर्जरी के दौरान बारीकी से सभी तकनीकी पहलुओं को संभाला।
मरीज की मां, 62 वर्षीय श्रीमती कुंतेश ने अपनी किडनी दान कर बेटे को नया जीवन दिया। यह फैसला न सिर्फ भावुक करने वाला है, बल्कि अंगदान के महत्व को भी उजागर करता है।
डॉक्टरों ने बताया कि सर्जरी के बाद मरीज ने तेजी से रिकवरी की और अब वह पूरी तरह स्वस्थ जीवन जी रहे हैं तथा क्रॉनिक किडनी डिजीज से मुक्त हैं।
इस अवसर पर डॉक्टरों ने कहा कि इस तरह के कॉम्प्लेक्स केस आधुनिक चिकित्सा तकनीक और मल्टीडिसिप्लिनरी अप्रोच की सफलता का उदाहरण हैं। साथ ही उन्होंने अंगदान के प्रति लोगों को जागरूक होने की अपील भी की।
मेदांता हॉस्पिटल, नोएडा लगातार एडवांस्ड ट्रांसप्लांट केयर के माध्यम से जटिल बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए उम्मीद की किरण बना हुआ है।

