नोएडा | संवाददाता
साइबर ठगी के एक गंभीर मामले में 79 वर्षीय सेवानिवृत्त अधिकारी सुभाष चंद्र मल्होत्रा आज भी अपनी ही मेहनत की कमाई वापस पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। विदेश मंत्रालय, नई दिल्ली से वर्ष 2006 में रिटायर हुए मल्होत्रा ने योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप की मांग करते हुए न्याय दिलाने की अपील की है।
2.39 करोड़ की साइबर ठगी, लेकिन पैसा अब तक अधूरा
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2025 में साइबर अपराधियों ने मल्होत्रा के बैंक खाते से 2 करोड़ 39 लाख रुपये की बड़ी ठगी को अंजाम दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर क्राइम पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अप्रैल–मई 2025 के दौरान आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।
पुलिस ने इस दौरान बड़ी मात्रा में धनराशि बरामद करने का दावा भी किया।
कोर्ट का आदेश, लेकिन पालन अधूरा
31 मई 2025 को माननीय न्यायालय ने आदेश जारी करते हुए 6,70,243 रुपये पीड़ित के खाते में ट्रांसफर करने के निर्देश दिए थे। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि लगभग एक साल बाद भी मल्होत्रा को सिर्फ 63,000 रुपये ही मिले हैं। बाकी राशि अब तक उनके खाते में नहीं पहुंची है।
अधिकारियों से गुहार, लेकिन कार्रवाई नहीं
पीड़ित का कहना है कि उन्होंने साइबर थाने के अधिकारियों से लेकर उच्च स्तर तक लगातार संपर्क किया, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिला।
उनका आरोप है कि:
- बरामद करोड़ों रुपये अब भी विभिन्न बैंकों में पड़े हैं
- पीड़ितों तक पैसा पहुंचाने की प्रक्रिया बेहद धीमी है
- प्रशासनिक लापरवाही साफ दिखाई दे रही है
14.5 करोड़ की बरामदगी का दावा, फिर भी देरी क्यों?
मल्होत्रा के अनुसार, अधिकारियों ने उन्हें बताया कि इस साइबर ठगी मामले में करीब 14 करोड़ 50 लाख रुपये बरामद किए जा चुके हैं।
ऐसे में बड़ा सवाल उठता है:
जब इतनी बड़ी राशि बरामद हो चुकी है, तो कोर्ट के आदेश के अनुसार भुगतान में देरी क्यों?
मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग
लगातार परेशानी के बाद अब मल्होत्रा ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अपील की है कि:
- संबंधित विभागों और बैंकों को तत्काल निर्देश दिए जाएं
- कोर्ट के आदेश का पालन सुनिश्चित किया जाए
- पूरी ठगी गई रकम 2.39 करोड़ रुपये वापस दिलाने के लिए ठोस कार्रवाई हो
बढ़ती उम्र, बढ़ती परेशानी
मल्होत्रा ने अपने पत्र में यह भी बताया कि:
- उम्र अधिक होने के कारण वे लगातार भागदौड़ करने में असमर्थ हैं
- उन्हें मानसिक और आर्थिक दोनों तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है
उन्होंने उम्मीद जताई है कि मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप से उन्हें जल्द न्याय मिलेगा।
साइबर ठगी के मामलों पर बड़ा सवाल
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि:
- सिर्फ आरोपियों की गिरफ्तारी काफी नहीं है
- बरामद रकम को समय पर पीड़ितों तक पहुंचाना भी उतना ही जरूरी है
विशेषज्ञों का मानना है कि न्याय में देरी से लोगों का सिस्टम पर भरोसा कमजोर हो सकता है।

