गाजियाबाद। डासना क्षेत्र में खसरा और डिप्थीरिया के केस तेजी से मिल रहे हैं। खुद जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. नीरज अग्रवाल ही कह रहे हैं। हाल ही में उक्त अधिकारी ने एक संदेश लिखकर उच्च अधिकारियों के संग चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मियों की भी चिंता बढ़ा दी है।
यह संदेश तेजी से सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। इस संदेश में लिखा है कि यदि डासना क्षेत्र में नियमित टीकाकरण को लेकर यूं ही लापरवाही बरती गई तो भविष्य में डासना को डिप्थीरिया केसों का हब बनने से कोई नहीं रोक सकता है। सोशल मीडिया पर प्रसारित इस संदेश में लिखा है कि प्रदेश के 75 जिलों में जून माह में खसरा के सात केस मिले हैं।
सीएचसी डासना प्रभारी से सवाल-जवाब
चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से तीन केस डासना (गाजियाबाद)क्षेत्र के शामिल है। जो नियमित टीकाकरण के साथ विभिन्न डोर टू डोर सर्वे अभियानों के क्रियान्वयन की भी पोल खोल रहे हैं। उक्त अधिकारी ने इस संदेश में डासना क्षेत्र के जिम्मेदार चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों से पूछा है कि आपके क्षेत्र में पिछले एक साल से नियमित टीकाकरण की स्थिति कमजोर क्यों हैं।
टीकाकरण को आयोजित किये जाने वाले सत्र एवं वंचित बच्चों का कोई विवरण नहीं दिया गया है। किस क्षेत्र में सबसे अधिक टीकाकरण सत्र आयोजित किये गये,इसके बारे में भी कोई सूचना नहीं दी गई है।
डासना में बढ़ते खसरा और डिप्थीरिया के केसों को लेकर कोई गंभीर नहीं है। वीएबी बच्चों का भी कोई ब्यौरा तैयार नहीं किया गया है। नियमित टीकाकरण के सत्र आयोजित करने को लेकर भी डासना क्षेत्र के शून्य से पांच साल तक के बच्चों के लिये कोई कार्ययोजना नहीं बनाई गई है। डासना क्षेत्र में नियमित टीकाकरण से सबसे कम बच्चों को कवर किया जा रहा है।

