देहरादून। उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को उत्तराखण्ड के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) वी. मुरूगेशन से भेंट की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कई अहम बिंदुओं पर ज्ञापन सौंपते हुए पूरे मामले में विस्तृत और पारदर्शी स्पष्टीकरण की मांग की।
सोशल मीडिया पर वायरल कथित बातचीत से उठे नए सवाल
कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि हाल ही में भाजपा के एक पूर्व विधायक की पत्नी द्वारा सोशल मीडिया पर साझा की गई कथित बातचीत ने इस हत्याकांड को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस बातचीत में पूर्व विधायक द्वारा एक कथित वीआईपी के रूप में दुष्यन्त कुमार गौतम उर्फ गट्टू का नाम लिए जाने का दावा किया गया है। कांग्रेस का कहना है कि इस खुलासे के बाद पुलिस और सरकार की ओर से दिया गया स्पष्टीकरण न केवल अधूरा है, बल्कि संदेह को और गहरा करता है।
प्रभावशाली व्यक्ति की भूमिका का आरोप
कांग्रेस का आरोप है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में किसी न किसी प्रभावशाली व्यक्ति की भूमिका अवश्य रही है। पार्टी का दावा है कि अंकिता से कथित रूप से की गई मांग पूरी न होने के कारण उसकी निर्मम हत्या की गई, और इसके बाद साक्ष्यों को दबाने के प्रयास किए गए।
ज्ञापन में उठाए गए प्रमुख सवाल
कांग्रेस द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में कई गंभीर प्रश्न उठाए गए हैं। इनमें अंकिता का शव मिलने के बाद वनन्तरा रिसॉर्ट पर बुल्डोजर चलाने का आदेश किसके निर्देश पर दिया गया, एसआईटी जांच में इन तथ्यों को कैसे शामिल किया गया, मुख्यमंत्री द्वारा रिसॉर्ट ध्वस्तीकरण स्वीकार किए जाने की भूमिका क्या रही, व्हाट्सएप चैट में वीआईपी दबाव के उल्लेख की जांच कहां तक पहुंची, सरकार द्वारा सीबीआई जांच का विरोध क्यों किया गया, भाजपा विधायक रेणु बिष्ट की कथित भूमिका क्या है, पटवारी को धमकाने के आरोपों की सच्चाई क्या है और क्या सबूत नष्ट किए गए—जैसे कई सवाल शामिल हैं।
एसआईटी जांच सार्वजनिक करने की मांग
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि इस हत्याकांड से जुड़े अनेक प्रश्न आज भी अनुत्तरित हैं, जिसके कारण जनता के मन में संदेह बना हुआ है। उन्होंने मांग की कि एसआईटी द्वारा की गई जांच को सभी संबंधित बिंदुओं के साथ सार्वजनिक किया जाए, ताकि प्रदेश की जनता को सच्चाई पता चल सके और कानून व्यवस्था पर विश्वास कायम रह सके।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल नेता
इस प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश महामंत्री राजेन्द्र शाह, कर्नल रामरतन नेगी, विरेन्द्र पोखरियाल, सुरेन्द्र रांगड़, अभिनव थापर, नीरज त्यागी, कमल रावत, विजय पाल रावत, डॉ. प्रतिमा सिंह, गरिमा दसौनी, राजेश चमोली, डॉ. प्रदीप जोशी, महेन्द्र सिंह नेगी, मदन लाल, अमेन्द्र बिष्ट, मधुसूदन सुन्द्रियाल, बब्बन सती, टीटू त्यागी, विजय गुसाईं, गुल मोहम्मद, हुकम सिंह कठैत, सुलेमान अली, अनिल नेगी, राजेन्द्र दानू, यशपाल चौहान सहित अनेक कांग्रेस नेता उपस्थित रहे।

