ललित फाउंडेशन का चतुर्थ राष्ट्रीय अधिवेशन — “अभिव्यंजना एवं कवि प्रीमियर लीग”, 19 से 21 जुलाई 2025 | गौर सरोवर प्रीमियर, नोएडा एक्सटेंशन
नोएडा | 18 जुलाई 2025
भारतीय साहित्य और संस्कृति के ऐतिहासिक क्षणों में एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। ललित फाउंडेशन अपने भव्यतम आयोजन—चतुर्थ राष्ट्रीय अधिवेशन “अभिव्यंजना एवं कवि प्रीमियर लीग” का आयोजन 19 से 21 जुलाई 2025 तक गौर सरोवर प्रीमियर, नोएडा एक्सटेंशन में करने जा रहा है। यह आयोजन साहित्य, कविता और सृजनशीलता को समर्पित भारत के सबसे अनूठे साहित्यिक उत्सवों में से एक माना जा रहा है।
🎤 विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस आयोजन की भव्यता को चार चाँद लगाने के लिए देश के महान साहित्यकार, चिंतक और कविगण एक साथ एक ही मंच पर उपस्थित होंगे।
मुख्य अतिथि के रूप में समारोह की शोभा बढ़ाएंगे:
माननीय कलराज मिश्र – पूर्व राज्यपाल, वरिष्ठ राजनेता और समाजसेवी।
डॉ. कुमार विश्वास – अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त कवि, वक्ता और युवाओं के प्रेरणास्त्रोत।
पद्मश्री डॉ. अशोक चक्रधर – हास्य-व्यंग्य के शिखर कवि, विद्वान, और दूरदर्शन-आकाशवाणी के चर्चित हस्ताक्षर।
पद्मश्री डॉ. सुरेंद्र शर्मा – “चलिए मुस्कराइए” के जनक और हास्यकविता के लोकप्रिय कवि।
डॉ. हरिओम पंवार – वीर रस के अप्रतिम कवि, जिनकी ओजस्विता आज भी युवाओं में देशभक्ति की लौ जलाती है।
✨ कार्यक्रम की विशेषताएँ
यह अधिवेशन केवल एक कवि सम्मेलन नहीं, बल्कि एक बहुआयामी साहित्यिक उत्सव है। इसके अंतर्गत निम्नलिखित प्रमुख आयोजन शामिल होंगे:
कवि प्रीमियर लीग – भारत का पहला काव्य मंच, जहां कविता को खेल की स्पर्धा के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
अभिव्यंजना – कविता, गद्य, नाटक, गीत, लोककला एवं विचार-विमर्श का साझा मंच।
काव्य गोष्ठियाँ एवं संवाद सत्र – युवाओं, नवोदित रचनाकारों और वरिष्ठ साहित्यकारों के बीच सार्थक संवाद।
साहित्य सम्मान समारोह – विशिष्ट साहित्यसेवियों और रचनाकारों का सम्मान।
बुक लॉन्च, पोस्टर प्रदर्शनी और लाइव स्टोरीटेलिंग – साहित्यिक रंगों से सजा संपूर्ण आयोजन।
🗣️ आयोजकों की ओर से संदेश
संस्थापक श्री अमित शर्मा ने जानकारी दी:
“यह केवल एक साहित्यिक आयोजन नहीं, बल्कि विश्वस्तरीय साहित्यिक चेतना का नवप्रवर्तन है। ‘अभिव्यंजना एवं कवि प्रीमियर लीग’ साहित्य को जन-जन तक पहुंचाने का प्रभावशाली माध्यम बन चुका है।”
राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री कुशल कुशलेंद्र ने कहा:
“यह अधिवेशन न केवल साहित्यकारों का, बल्कि हर संवेदनशील नागरिक का मंच है। यह साहित्यिक समर्पण और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक बन चुका है।”
राष्ट्रीय महामंत्री श्री पीयूष मालवीय ने बताया:
“यह आयोजन साहित्यकारों को स्वास्थ्य और जागरूकता के प्रति सजग रहने का संदेश भी देता है। आज यह देशभर के साहित्यिक समुदाय के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।”
🧑🎨 विशेष सहभागिता
कार्यक्रम में कला, साहित्य, खेल, राजनीति और पत्रकारिता जगत की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियां शामिल होंगी, जो इसे एक बहुआयामी और समरस आयोजन का स्वरूप देंगी।
