देहरादून। स्वर्णशिल्पी समिति, सर्राफा मंडल देहरादून एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस संघर्ष समिति के संयुक्त तत्वावधान में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती एवं बसंत पंचमी के अवसर पर कालूमल धर्मशाला में भव्य रक्तदान शिविर, विचार गोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
श्री महंत इंदिरेश अस्पताल ब्लड बैंक के सहयोग से आयोजित इस शिविर में कुल 83 यूनिट रक्तदान किया गया।
इस अवसर पर 155 बार रक्तदान कर चुके स्वर्ण यूथ रेडक्रास कमेटी के डॉ. अनिल वर्मा को “सुभाष चंद्र बोस रक्तदान क्रांतिवीर अवॉर्ड” से सम्मानित किया गया।
साथ ही 55 बार रक्तदान करने पर श्री अरशद एवं 65 बार रक्तदान करने पर पार्षद प्रमोद गुप्ता को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्वर्णशिल्पी समिति सर्राफा मंडल देहरादून के अध्यक्ष सुनील मैसौन, पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं नगर निगम के पूर्व उपाध्यक्ष नीनू सहगल, यूथ रेडक्रास कमेटी के डॉ. अनिल वर्मा, मेजर प्रेमलता वर्मा, स्वर्णशिल्पी समिति के संरक्षक हाजी इकबाल एवं मेघनाथ मंडल, अध्यक्ष गणेश बेरा, सचिव कापी खान, नेताजी संघर्ष समिति के महासचिव आरिफ वारसी, उपाध्यक्ष प्रभात डंडरियाल तथा पार्षद प्रमोद गुप्ता द्वारा नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया।
विचार गोष्ठी में महासचिव आरिफ वारसी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के अद्वितीय व्यक्तित्व एवं राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला।
सर्राफा मंडल अध्यक्ष सुनील मैसौन ने कहा कि “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा” जैसे ओजस्वी नारे से युवाओं में क्रांति की अलख जगाने वाले नेताजी की जयंती पर रक्तदान शिविर आयोजित करना उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है।
पूर्व नेता प्रतिपक्ष नीनू सहगल ने कहा कि रक्तदान मानवता की सेवा का सबसे सरल एवं श्रेष्ठ माध्यम है। थोड़े से समय और रक्त से किसी परिवार की खुशियां लौटाई जा सकती हैं।
सम्मानित रक्तदाता डॉ. अनिल वर्मा ने रक्तदान से जुड़े अंधविश्वासों को दूर करते हुए इसके स्वास्थ्य लाभ बताए। उन्होंने कहा कि नियमित रक्तदान से कैंसर एवं हृदय रोग की संभावनाएं कम होती हैं, कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रहता है, कैलोरी बर्न होती है तथा नई ऊर्जा का संचार होता है। उन्होंने पुरुषों से हर तीन माह एवं महिलाओं से हर चार माह में रक्तदान करने की अपील की।
स्वर्णशिल्पी समिति के संरक्षक हाजी इकबाल ने कहा कि “इंसानियत सबसे बड़ा धर्म है और रक्तदान उसकी पहचान।” जब जीवन केवल रक्त मिलने की आशा पर टिका हो, तब रक्तदान महादान बन जाता है। समिति भविष्य में भी ऐसे सेवा कार्य करती रहेगी।
मेजर प्रेमलता वर्मा ने महिलाओं से भी स्वेच्छा से रक्तदान करने का आह्वान किया तथा संतुलित आहार व आयरन सेवन पर जोर दिया।
कार्यक्रम में श्री महंत इंदिरेश अस्पताल ब्लड बैंक के चिकित्सा अधिकारी डॉ. अपूर्व गुप्ता, कोऑर्डिनेटर मोहित चावला, सीनियर टेक्नीशियन बिपिन कुमार सहित उनकी टीम तथा स्वर्णशिल्पी समिति के विपिन गुप्ता, रफीक, सलीम मुल्ला, तपन कुमार, निर्मल मंडल सहित बड़ी संख्या में रक्तदाता उपस्थित रहे ।

