गाजियाबाद। कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए मंगलवार को पुलिस लाइन सभागार में उच्चस्तरीय अंतरराज्यीय एवं अंतरजनपदीय समन्वय बैठक हुई।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था एवं यातायात राजकरन नैय्यर की अध्यक्षता में हुई बैठक में दिल्ली पुलिस के साथ गौतमबुद्धनगर, मेरठ, हापुड़ और बुलंदशहर पुलिस के अधिकारियों ने कांवड़ मार्गों की सुरक्षा, वाहनों के डायवर्जन और सीमावर्ती क्षेत्रों में यातायात प्रबंधन की साझा रणनीति तैयार की।
समन्यय के लिए बनाया वॉट्सएप ग्रुप
कांवड़ियों की संख्या और यातायात की स्थिति की तत्काल जानकारी साझा करने के लिए दिल्ली एवं सीमावर्ती जिलों के थानों और पुलिस अधिकारियों का वाट्सएप ग्रुप बनाया गया है। किसी मार्ग पर अचानक दबाव बढ़ने पर संबंधित जिलों को तुरंत सूचना देकर यातायात नियंत्रित किया जाएगा।
मंगलवार को हुई बैठक में डीसीपी सिटी, डीसीपी ग्रामीण, डीसीपी ट्रैफिक यातायात के साथ अपर पुलिस उपायुक्त यातायात मौजूद रहे। दिल्ली पुलिस से संयुक्त पुलिस आयुक्त, पुलिस उपायुक्त शाहदरा, उत्तर-पूर्व और यातायात ने हिस्सा लिया।
इसके अलावा गौतमबुद्धनगर के अपर पुलिस उपायुक्त यातायात तथा मेरठ, हापुड़ और बुलंदशहर के क्षेत्राधिकारी यातायात बैठक में शामिल हुए। बैठक में दिल्ली सीमा के पास वाहनों का दबाव बढ़ने की स्थिति के लिए बड़ी आकस्मिक पार्किंग की व्यवस्था करने का भी निर्णय लिया गया।
सीमावर्ती इलाकों में होगी सघन जांच
बैठक में तय हुआ है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सघन जांच के साथ असामाजिक तत्वों पर संयुक्त रूप से निगरानी रखी जाएगी। अधिकारियों ने भारी और हल्के वाहनों के डायवर्जन को आपसी समन्वय से लागू करने पर जोर दिया।
कांवड़ियों से निर्धारित मार्ग पर चलने, पहचान पत्र साथ रखने और म्यूजिक सिस्टम की ऊंचाई व आवाज निर्धारित मानकों के अनुरूप रखने की अपील की गई है। शिविर संचालकों को सड़क से उचित दूरी पर शिविर लगाने के साथ सीसीटीवी, अग्निशमन उपकरण और पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
दिल्ली और पड़ोसी शहरों के पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक में कांवड़ यात्रा सकुशल संपन्न कराने के लिए समन्वय पर जोर रहा। सभी सूचनाओं को आपस में साझा करने से बेहतर नतीजे आएंगे।
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राजकरन नैय्यर, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त

