किरंदुल के 51 साल पुराने स्कूल में ‘मजबूरी की पढ़ाई’, बच्चों का दर्द पहुंचा CM हेल्पलाइन 1076 तक
बारिश में कक्षा के अंदर टपकता है पानी, जर्जर शौचालय और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल | समाजसेवी ने दर्ज कराई शिकायत, शिक्षा विभाग से त्वरित कार्रवाई की मांग
किरंदुल, दंतेवाड़ा। जिस स्कूल में नौनिहालों के हाथों में किताबें और आंखों में बेहतर भविष्य के सपने होने चाहिए, वहां आज छत के छेद, टपकते पानी और जर्जर दरवाजों के बीच पढ़ाई हो रही है। यह तस्वीर किसी दूरदराज के इलाके की नहीं, बल्कि दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल की है।

नगर पालिका परिषद किरंदुल के वार्ड क्रमांक 03, गजराज कैंप स्थित शासकीय प्राथमिक शाला कोड़ीनार नंबर-1 की बदहाल स्थिति ने सरकारी स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वर्ष 1975 में स्थापित इस विद्यालय को करीब 51 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन भवन की स्थिति आज भी विद्यार्थियों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।

छत में बड़े-बड़े छेद, बारिश में बाल्टी बनती है सहारा
विद्यालय की छत की कई शीटें टूट चुकी हैं। जगह-जगह बड़े छेद हो गए हैं, जिससे दिन में भी रोशनी आर-पार दिखाई देती है। बारिश के दौरान इन छेदों से पानी सीधे कक्षा के अंदर पहुंचता है। ऐसे समय में कक्षाओं में बाल्टी और मग रखकर पानी रोकने की कोशिश की जाती है और इसी माहौल में बच्चों की पढ़ाई जारी रहती है।
दरवाजे-खिड़कियां भी जर्जर, शौचालय की हालत चिंताजनक
विद्यालय के दरवाजों में बड़े-बड़े छेद हो चुके हैं और खिड़कियां भी क्षतिग्रस्त हैं। वहीं जर्जर शौचालय विद्यार्थियों की स्वच्छता और सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर रहा है।

रात में असामाजिक तत्वों का खतरा
विद्यालय की बाउंड्रीवाल काफी छोटी होने के कारण रात के समय असामाजिक तत्वों के परिसर में प्रवेश करने की शिकायत सामने आई है। स्थानीय पालकों ने सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवाल पर V-शेप एंगल एवं तार फेंसिंग लगाने की मांग की है, ताकि विद्यालय परिसर सुरक्षित रह सके।
खेल मैदान की जगह अनुपयोगी भवन
विद्यालय के सामने एक अनुपयोगी भवन भी मौजूद है। वार्डवासियों एवं पालकों की मांग है कि इसे हटाकर वहां बच्चों के लिए सुरक्षित खेल मैदान विकसित किया जाए। इससे विद्यार्थियों को खेलकूद की सुविधा मिलने के साथ ही मोहल्ले के सामाजिक आयोजनों के लिए भी उपयोगी स्थान उपलब्ध हो सकेगा।

CM हेल्पलाइन 1076 तक पहुंचा बच्चों का दर्द
विद्यालय की बदहाल स्थिति को लेकर समाजसेवी श्री प्रवेश कुमार जोशी ने CM हेल्पलाइन 1076 में शिकायत दर्ज कराई है।
शिकायत टोकन क्रमांक WP260900173314, दिनांक 01 सितंबर 2026, को स्कूल शिक्षा विभाग के नाम से दर्ज किया गया है। शिकायत को L1 स्तर पर जिला शिक्षा अधिकारी, दंतेवाड़ा को प्रेषित किया गया है और मामला प्रक्रियाधीन है।
शिकायत में मांग की गई है कि विभागीय टीम मौके पर पहुंचकर विद्यालय की वास्तविक स्थिति का फोटो एवं वीडियो सहित निरीक्षण करे तथा बच्चों, पालकों, शिक्षकों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों से चर्चा कर विस्तृत रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजे।
CSR से संवरे स्कूल की तस्वीर
पालकों ने मांग की है कि सरकारी योजनाओं अथवा क्षेत्र की निजी कंपनियों AM/NS India के CSR मद से चरणबद्ध तरीके से विद्यालय की छत, दरवाजे, खिड़कियां और शौचालय की मरम्मत कराई जाए। इसके अलावा बच्चों को खेल सामग्री तथा आगामी शीत ऋतु को देखते हुए जूते, मोजे और स्वेटर उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है।
शिकायत को स्थानीय वार्ड पार्षद श्रीमती देवकी ठाकुर का भी समर्थन प्राप्त होने की बात कही गई है।
“बच्चों को चाहिए CM साहब का एक गिफ्ट—सुरक्षित और सुंदर स्कूल”
शिकायतकर्ता प्रवेश जोशी ने कहा कि बच्चे मुख्यमंत्री से किसी बड़ी चीज की मांग नहीं कर रहे हैं। वे सिर्फ एक स्वच्छ, सुंदर और हाइजेनिक स्कूल चाहते हैं, जहां वे सुरक्षित वातावरण में पढ़ सकें और बीमारियों से बच सकें।
अब सवाल कार्रवाई का
51 साल पुराने इस शिक्षा मंदिर की बदहाली कब दूर होगी?
क्या जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का जायजा लेंगे?
क्या बच्चों को बारिश में बाल्टी के सहारे पढ़ाई करने से निजात मिलेगी?
और क्या विद्यालय को एक सुरक्षित, स्वच्छ एवं सुविधाजनक भवन मिल पाएगा?
अब किरंदुल के पालकों और बच्चों की निगाहें CM हेल्पलाइन 1076 में दर्ज शिकायत के बाद होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।

