कांवड़ यात्रा 2025: पहले सप्ताह में उमड़ा आस्था का सैलाब, 5 दिन में 80.90 लाख श्रद्धालु लौटे
हरिद्वार | जुलाई 2025:
श्रावण मास की शुरुआत के साथ ही कांवड़ मेला 2025 पूरे शबाब पर है। हरिद्वार, ऋषिकेश, गंगनहर पटरी और आसपास के हाईवे पर आस्था का जनसैलाब देखने को मिल रहा है। पहले ही सप्ताह में 80 लाख 90 हजार कांवड़ यात्री गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्यों की ओर लौट चुके हैं।
🔶 कब शुरू हुई थी यात्रा?
कांवड़ मेले की आधिकारिक शुरुआत 11 जुलाई से मानी गई है, लेकिन 10 जुलाई से ही शिवभक्तों की आवाजाही शुरू हो गई थी। प्रशासन ने इसी दिन से श्रद्धालुओं की गिनती शुरू की थी।
📊 आंकड़ों में आस्था
कुल श्रद्धालु (10–15 जुलाई): 80.90 लाख
सोमवार (पहला सावन सोमवार): 25 लाख से अधिक भक्त रवाना
मंगलवार (16 जुलाई): 31 लाख से अधिक कांवड़िए हरिद्वार से रवाना
पूरे श्रावण में अनुमानित कुल संख्या: 6 करोड़ से ज्यादा यात्री
🛡️ सुरक्षा और व्यवस्था
राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन ने इस विशाल जनसमूह के प्रबंधन के लिए कई स्तरों पर तैयारियां की हैं:
CCTV और ड्रोन निगरानी
ATS, PAC और स्थानीय पुलिस बल की तैनाती
24×7 मेडिकल कैंप्स और एंबुलेंस
स्वच्छता, पीने का पानी, और मोबाइल शौचालयों की सुविधा
भीड़ नियंत्रण हेतु बैरिकेडिंग और वन-वे रूट सिस्टम
👮♀️ महिला सुरक्षा के विशेष उपाय
इस वर्ष महिलाओं की सहभागिता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए:
हर गंगा घाट पर महिला पुलिस और “आपदा सखी” स्वयंसेविकाएं तैनात की गई हैं।
इन सखियों को आपात स्थिति में सहायता, दिशा-निर्देशन, और निगरानी के लिए प्रशिक्षित किया गया है।
🌐 निष्कर्ष
कांवड़ मेला 2025 न केवल शिवभक्तों की आस्था का प्रतीक बन चुका है, बल्कि प्रशासनिक सूझबूझ और सुरक्षा प्रबंधन का एक उदाहरण भी बनकर उभरा है। जिस प्रकार पहले ही सप्ताह में लाखों श्रद्धालु सुगमता से यात्रा कर सके हैं, उससे अनुमान लगाया जा रहा है कि यह वर्ष अब तक का सबसे बड़ा और व्यवस्थित कांवड़ मेला साबित हो सकता है।

