एनएमडीसी के अधिकारी मोहित तोमर ने 47वीं बार रक्तदान कर बचाई अनजान बुजुर्ग की जान
दंतेवाड़ा। मानवता की मिसाल पेश करते हुए एनएमडीसी बीआईओएम किरंडुल कॉम्प्लेक्स के अधिकारी श्री मोहित तोमर ने 5 अगस्त को 47वीं बार स्वैच्छिक रक्तदान किया। उनका यह दान O Negative – दुर्लभ रक्त समूह का था, जो आज एक मरीज के ऑपरेशन के आपातकालीन समय में उपयोग में आकर एक जीवन बचाने में मददगार बना।
10 किमी का सफर तय कर पहुंचे अस्पताल
जानकारी के अनुसार, एनएमडीसी के डिपॉजिट 10/11A बचेली स्थित स्क्रीन-प्लांट में कार्यरत उप प्रबंधक (यांत्रिकी) श्री मोहित तोमर मंगलवार सुबह ड्यूटी के लिए निकल ही रहे थे कि उन्हें एक घबराए हुए युवक का फोन आया। युवक ने कहा, “सर, मैं किरंडुल हॉस्पिटल से बोल रहा हूं। मेरी मां की तबीयत बहुत खराब है और ऑपरेशन के लिए ‘ओ-नेगेटिव’ रक्त की अत्यंत आवश्यकता है।”
दुर्लभ रक्त समूह की बात सुनते ही श्री तोमर ने बिना समय गंवाए अपनी धर्मपत्नी के साथ बचेली से लगभग 10 किलोमीटर का सफर तय कर किरंडुल प्रोजेक्ट हॉस्पिटल पहुंचे। वहां डॉक्टरों से परामर्श और सभी औपचारिकताएं पूर्ण करने के पश्चात उन्होंने 47वीं बार रक्तदान किया। समय पर रक्त उपलब्ध हो जाने से मरीज के परिजनों ने राहत की सांस ली।
“हर बार रक्तदान के बाद लगता है ईश्वर ने कोई बड़ा काम करवाया”
रक्तदान के पश्चात श्री तोमर ने कहा, “आज का दिन मेरे और मेरे परिवार के लिए बहुत शुभ और आत्मसंतुष्टि से भरा है। ईश्वर से प्रार्थना है कि उस माताजी शीघ्र स्वस्थ हों। भगवान मुझे ऐसा ही संबल दे ताकि मैं आगे भी निस्वार्थ भाव से जीवन रक्षक रक्तदान की इस सेवा यात्रा को जारी रख सकूं।”
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार नियमित रक्तदान न केवल जरूरतमंदों को नया जीवन देता है, बल्कि दाता के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी होता है। इतने बार रक्तदान करके व्यक्ति स्वयं स्वस्थ रहता है और दूसरों को स्वस्थ रहने में मदद करता है। इससे हृदय रोग का खतरा कम होता है और शरीर में नए रक्त कोशिकाओं का निर्माण होता है।
नगर ने किया नमन
स्थानीय निवासियों, सहकर्मियों और अस्पताल प्रशासन ने संकट की घड़ी में श्री तोमर की त्वरित मदद और उनके 47वें रक्तदान की भूरि-भूरि प्रशंसा की है।
श्री मोहित जी, आपके इस त्याग और सेवा भाव के लिए पूरा नगर परिवार नमन करता है और हृदय से कृतज्ञता व्यक्त करता है।
यह संदेश हम सबके लिए प्रेरणा है कि हम भी आगे आएं, अपने साथियों के साथ मिलकर जरूरतमंदों को रक्तदान करें।
रक्तदान – महादान,47 बार रक्तदान बराबर 47 बार जीवनदान
यह प्रेरणा लेकर रक्तदान करें और किसी की जिंदगी बचाएं यह अपील भी किया गया।

