किरंदुल में छात्रों ने दिखाई सेवा भावना, सार्वजनिक प्याऊ से राहगीरों को राहत
छत्तीसगढ़ के किरंदुल में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच किरंदुल सार्वजनिक प्याऊ पहल ने समाज सेवा का प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। डीएवी पब्लिक स्कूल, किरंदुल और भारत स्काउट्स एंड गाइड्स छत्तीसगढ़ के छात्रों ने मिलकर राहगीरों के लिए ठंडे पेयजल की व्यवस्था की।
भीषण गर्मी में लोगों को मिली राहत
नगर में लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए छात्रों ने स्कूल परिसर के बाहर सार्वजनिक प्याऊ स्थापित किया। इस प्याऊ के माध्यम से राहगीरों को ठंडा और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है, जो पूरे माह तक जारी रहेगा।
मिट्टी के घड़ों और अन्य साधनों का उपयोग कर पानी को ठंडा रखा गया, जिससे गर्मी से परेशान लोगों को काफी राहत मिली।
छात्रों ने दिखाया सेवा और जिम्मेदारी का भाव
इस सेवा कार्य में स्काउट्स और गाइड्स के छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। उन्होंने न केवल लोगों को पानी पिलाया, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी निभाई।
राहगीरों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे मानवता और सेवा का सच्चा उदाहरण बताया।
जनप्रतिनिधियों और शिक्षकों ने किया उत्साहवर्धन
इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष रूबी सिंह, विद्यालय के प्राचार्य एस. के. श्रीवास्तव, तथा शिक्षिका तृप्ति, नीति सिंह, रूपा सक्सेना, तेजेंदर कौर, दीपा नायर, धरती वर्मा, रेखा सिंह सहित शिक्षकगण उपस्थित रहे।
साथ ही शिक्षक अजय झा, राजकुमार राय, डेगरिया एवं विद्यालय प्रबंधन के अन्य सदस्य भी कार्यक्रम में शामिल हुए और विद्यार्थियों के इस प्रयास की सराहना की।
समाज के लिए प्रेरणादायक संदेश
इस पहल ने यह संदेश दिया कि छोटी-छोटी कोशिशें भी समाज में बड़ा बदलाव ला सकती हैं। छात्रों द्वारा किया गया यह कार्य न केवल सेवा भावना को दर्शाता है, बल्कि आने वाली पीढ़ी को समाज के प्रति जिम्मेदार बनने की प्रेरणा भी देता है।
निष्कर्ष: शिक्षा के साथ सेवा का संगम
किरंदुल सार्वजनिक प्याऊ पहल यह दर्शाती है कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज सेवा और मानवीय मूल्यों को अपनाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इस प्रकार के प्रयास समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

