नोएडा में श्रीराम कथा के 8वें दिन सीता हरण और शबरी भक्ति का भावपूर्ण वर्णन
नोएडा सेक्टर 82 स्थित पॉकेट 7 में आयोजित श्रीराम कथा नोएडा सेक्टर 82 के आठवें दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा व्यास स्वामी पंचमानंद जी महाराज ने रामायण के महत्वपूर्ण प्रसंगों का विस्तार से वर्णन करते हुए भक्तों को भाव-विभोर कर दिया।
भरत मिलाप से पंचवटी तक का प्रसंग
कथा के दौरान बताया गया कि भरत जी चित्रकूट में भगवान राम से मिलते हैं। भगवान राम उन्हें गले लगाकर पिता के वचन का स्मरण कराते हैं और अयोध्या लौटने का आग्रह करते हैं। इसके बाद भगवान राम पंचवटी में निवास करते हैं, जहां से कथा का महत्वपूर्ण मोड़ शुरू होता है।
सूर्पणखा प्रसंग और रावण का क्रोध
पंचवटी में रावण की बहन सूर्पणखा भगवान राम के पास विवाह प्रस्ताव लेकर पहुंचती है। बार-बार मना करने के बावजूद वह नहीं मानती, जिसके बाद लक्ष्मण जी उसके नाक-कान काट देते हैं।
सूर्पणखा रावण के दरबार में पहुंचकर विलाप करती है और राम-लक्ष्मण द्वारा खर-दूषण वध की जानकारी देती है। यह सुनकर रावण को संदेह होता है कि राम कोई दिव्य अवतार हैं।
स्वर्ण मृग और सीता हरण का मार्मिक प्रसंग
रावण मारीचि को स्वर्ण मृग का रूप धारण करने के लिए भेजता है। माता सीता उस मृग को देखकर आकर्षित होती हैं और भगवान राम से उसे लाने का आग्रह करती हैं।
राम जी मृग के पीछे जाते हैं और उसे बाण से मार देते हैं। मारीचि मरते समय “हा लक्ष्मण” पुकारता है, जिससे सीता जी चिंतित होकर लक्ष्मण को राम की सहायता के लिए भेजती हैं।
इसी अवसर का लाभ उठाकर रावण साधु वेश में आकर माता सीता का हरण कर लेता है।
जटायु बलिदान और राम का करुण विलाप
रावण द्वारा सीता हरण के दौरान जटायु रावण से युद्ध करते हैं, लेकिन रावण उनके पंख काट देता है।
जब भगवान राम और लक्ष्मण सीता की खोज करते हुए आगे बढ़ते हैं, तो उन्हें घायल जटायु मिलते हैं, जो पूरी घटना बताते हैं और भगवान की गोद में अपने प्राण त्याग देते हैं।
इस प्रसंग में भगवान राम का करुण पुकार —
“हे खग मृग हे मधुकर श्रेणी, तुम देखी सीता मृग नैनी”
— सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
शबरी भक्ति का अद्भुत उदाहरण
आगे कथा में भगवान राम शबरी के आश्रम पहुंचते हैं, जहां वे प्रेम और भक्ति से भरे शबरी के झूठे बेर ग्रहण करते हैं। यह प्रसंग सच्ची भक्ति और समर्पण का सर्वोत्तम उदाहरण बताया गया।
9वें दिन होंगे लंका दहन और राम राज्याभिषेक के प्रसंग
श्रीराम कथा आयोजन समिति के मीडिया प्रभारी देव मणि शुक्ल ने बताया कि नौवें दिन कथा में लंका दहन, रावण वध और राम राज्याभिषेक जैसे महत्वपूर्ण प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल
इस धार्मिक आयोजन में क्षेत्र के अनेक गणमान्य व्यक्ति और सेक्टरवासी भक्त उपस्थित रहे। कार्यक्रम भक्तिमय वातावरण में शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।
निष्कर्ष: आस्था और मर्यादा का संदेश
श्रीराम कथा नोएडा सेक्टर 82 का यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत कर रहा है, बल्कि समाज को मर्यादा, भक्ति और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश भी दे रहा है।


