इंटक से संबद्ध मेटल माइंस वर्कर्स यूनियन ने शुरू किया कैडर डेवलपमेंट प्रशिक्षण अभियान
श्रमिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मेटल माइंस वर्कर्स यूनियन (INTUC) द्वारा मेटल माइंस वर्कर्स यूनियन प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत कैडर डेवलपमेंट अभियान की शुरुआत की गई है।
राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तर पर इंटक के दिशा-निर्देशन में 22 मार्च 2026 को इस प्रशिक्षण श्रृंखला का शुभारंभ यूनियन अध्यक्ष श्री विनोद कश्यप एवं सचिव श्री ए.के. सिंह के मार्गदर्शन में किया गया।
5 अप्रैल को आयोजित हुआ ज्ञानवर्धक प्रशिक्षण सत्र
इस अभियान के अंतर्गत 5 अप्रैल 2026 को एक विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया, जिसमें यूनियन के पदाधिकारी और सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर भुवनेश्वरी ध्रुव ने श्रमिकों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत और व्यवहारिक जानकारी प्रदान की।
श्रमिक हितों से जुड़े प्रमुख विषयों पर चर्चा
प्रशिक्षण सत्र में निम्न प्रमुख विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई:
• माता-पिता को आश्रित (Dependent) के रूप में शामिल करने के नियम
• अर्जित अवकाश (Earned Leave) का नकदीकरण और प्रक्रिया
• विभिन्न प्रकार के अवकाश एवं उनकी सीमाएँ
• क्वारंटाइन, आकस्मिक एवं अवैतनिक अवकाश के नियम
• परिवार नियोजन से जुड़े लाभ
• मातृत्व एवं पितृत्व अवकाश के प्रावधान
• सेवानिवृत्ति तक अवकाश प्रबंधन की रणनीति
• चिकित्सा सुविधाएँ और ऑनलाइन क्लेम प्रक्रिया
• वार्षिक अवकाश निर्धारण और प्रबंधन
श्रमिकों में जागरूकता और आत्मनिर्भरता का विकास
प्रशिक्षण सत्र में श्रमिक साथियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने अधिकारों एवं सुविधाओं के प्रति जागरूकता हासिल की।
यह कार्यक्रम न केवल जानकारी देने तक सीमित रहा, बल्कि श्रमिकों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
संगठन को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
इस पहल के माध्यम से यूनियन श्रमिकों के बौद्धिक, व्यावहारिक और संगठनात्मक विकास को बढ़ावा दे रही है।
इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम संगठन को मजबूत बनाने के साथ-साथ श्रमिकों को जागरूक, संगठित और जिम्मेदार बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
श्रमिक सशक्तिकरण की ओर मजबूत कदम
मेटल माइंस वर्कर्स यूनियन प्रशिक्षण कार्यक्रम श्रमिकों के समग्र विकास और संगठन की मजबूती की दिशा में एक दूरदर्शी पहल है। यह अभियान न केवल श्रमिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बना रहा है, बल्कि समाज और उद्योग दोनों के लिए सकारात्मक परिवर्तन की नींव भी रख रहा है।

