गाजियाबाद। भले ही वर्ष 2022 में गाजियाबाद को पुलिस कमिश्नरेट बनाया गया हो, लेकिन महिलाओं के खिलाफ अपराध पर लगाम नहीं लग पा रही है। तीन साल में जिले में महिलाओं से दुष्कर्म के 398 मामले दर्ज किए गए। यानि हर तीसरे दिन जनपद में दुष्कर्म का एक मामला सामने आ जाता है।
जबकि छेड़खानी के 614 मामले सामने आए। दो माह पूर्व ही राष्ट्रीय क्राइम रिकार्ड ब्यूरो की भारत में अपराध 2024 के नाम से जारी रिपोर्ट में गाजियाबाद में वर्ष 2024 में बच्चों के खिलाफ अपराध के मामलों में भारी उछाल दर्ज किया गया, जबकि महिलाओं के खिलाफ अपराध भी लगातार बढ़ते नजर आए।
एनसीआरबी ने दो माह पूर्व जारी रिपोर्ट में गाजियाबाद में वर्ष 2024 के दौरान बच्चों के खिलाफ अपराध के 713 मामले दर्ज बताए। यह संख्या 2023 में 208 और 2022 में 189 थी। यानी एक साल में ही मामलों में तीन गुना से ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई।
आंकड़े साफ संकेत दे रहे हैं कि बच्चों की सुरक्षा अब शहर के लिए गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है। बच्चों से जुड़े अपराधों में अपहरण, पाक्सो एक्ट, यौन शोषण और आनलाइन अपराधों की बड़ी हिस्सेदारी रही।
ऑनलाइन माध्यमों से बनाते हैं निशाना
महानगरों में खासतौर पर इंटरनेट मीडिया, आनलाइन गेमिंग और डिजिटल प्लेटफार्म के जरिए बच्चों को निशाना बनाने के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। महिलाओं के खिलाफ अपराध में घरेलू हिंसा, दुष्कर्म, छेड़छाड़, पीछा करना और साइबर उत्पीड़न जैसे मामले प्रमुख रहे।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बेहतर रिपोर्टिंग सिस्टम, महिला हेल्पलाइन, ई-एफआइआर और जागरूकता अभियान के चलते अब ज्यादा पीड़ित शिकायत दर्ज करा रहे हैं।
महिला और बच्चों से जुड़े अपराध में कमी के लिए पुलिस स्कूलों में जागरूकता अभियान, थानों में मिशन शक्ति केंद्र, एंटी रोमियो टीम और साइबर मानिटरिंग को मजबूत किया गया है।
बच्चों के खिलाफ अपराध
| वर्ष | घटनाएं |
|---|---|
| 2024 | 713 |
| 2023 | 208 |
| 2022 | 189 |
नोट: आंकड़े एनसीआरबी की वर्ष 2024 की भारत में अपराध रिपोर्ट पर आधारित हैं।
तीन साल में महिलाओं के खिलाफ अपराध
| अपराध | मामले |
|---|---|
| हत्या | 87 |
| दुष्कर्म | 398 |
| छेड़खानी | 614 |
| अपहरण | 131 |
| दहेज हत्या | 118 |
नोट: सभी आंकड़े कमिश्नरेट पुलिस (वर्ष 2022–2025) के हैं।

