बिहार में पोस्टर पॉलिटिक्स गरमाई: RJD का तीखा हमला — “नीतीश के चेहरे पर चुनाव नहीं जीत सकते, इसलिए पीएम मोदी को आगे किया गया”
पटना, बिहार: बिहार की सियासत में एक बार फिर “पोस्टर पॉलिटिक्स” सुर्खियों में है। आगामी विधानसभा चुनावों से पहले पटना में लगाए गए नए JDU पोस्टरों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। इन पोस्टरों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बड़ी तस्वीरें और “डबल इंजन की सरकार” का नारा प्रमुखता से दिखाया गया है।
हालांकि, इन पोस्टरों को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने तीखा हमला बोला है। पार्टी का कहना है कि भाजपा और JDU को नीतीश कुमार के नाम पर जनता का भरोसा नहीं रहा, इसलिए अब चुनावी चेहरा बदल कर पीएम मोदी को आगे किया जा रहा है।
🗣️ RJD का बयान
RJD प्रवक्ता सतीश दास ने मीडिया से बातचीत में कहा:
“नीतीश कुमार के चेहरे पर NDA चुनाव नहीं जीत सकती। इसलिए अब प्रधानमंत्री मोदी को पोस्टरों में आगे किया जा रहा है। इससे यह साफ होता है कि JDU पूरी तरह से भाजपा की छाया बन चुकी है।”
राजद ने इन पोस्टरों को भाजपा और जदयू के विलय की ओर बढ़ते कदम करार दिया और नीतीश कुमार की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं।
📌 पोस्टर की राजनीति या नई रणनीति?
JDU के इन पोस्टरों में विकास, कानून व्यवस्था और सामाजिक न्याय को केंद्र में रखा गया है। वहीं, राजद का दावा है कि यह पोस्टर जनता के सामने एक “साफ चेहरा” दिखाने की कोशिश है ताकि नीतीश सरकार की विफलताओं से ध्यान हटाया जा सके।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि:
यह रणनीति युवा और शहरी मतदाताओं को आकर्षित करने की कोशिश है।
BJP-जदयू के गठबंधन को “डबल इंजन” के रूप में प्रोजेक्ट किया जा रहा है।
RJD का हमला उस जन असंतोष को भुनाने की कोशिश है जो नीतीश सरकार के खिलाफ पनप रहा है।
🔍 निष्कर्ष
बिहार में चुनावी रणनीति अब पोस्टरों के ज़रिए जनता की सोच को प्रभावित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। RJD और JDU के बीच यह पोस्टर युद्ध इस बात का संकेत है कि चुनाव नज़दीक आते ही राजनीतिक दल अपने-अपने दांव आज़माने लगे हैं।
जनता किसे अपना नेता चुनती है, यह तो समय बताएगा — लेकिन अभी के लिए बिहार की सड़कों पर लगी इन तस्वीरों ने राजनीतिक हलचल को ज़रूर तेज कर दिया है।

