गाजियाबाद। जिले में जिन वाहनों का प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (पीयूसीसी) नहीं होगा, उनको एक अक्टूबर से पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं मिलेगा। इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा सभी पेट्रोल व डीजल पंप संचालकों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश जारी
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने एनसीआर में शामिल गाजियाबाद सहित कुछ जिलों में प्रदूषण की रोकथाम के लिए पहले से ही इस संबंध में आदेश जारी कर दिया था, अब एक अक्टूबर से वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराना जिला प्रशासन की जिम्मेदारी है। इस वजह से सभी पेट्रोल पंप संचालकों को आवश्यक तैयारी करने के लिए निर्देश दिए गए हैं।
…ताकि न हो कोई दिक्कत
वाहन चालकों से अपील की गई है कि यदि वाहन का प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र नहीं बना है तो उसे जल्द ही बनवा लें, जिससे कि बाद में पेट्रोल व डीजल लेने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। जिला पूर्ति अधिकारी अमित तिवारी ने बताया कि एक अक्टूबर के बाद पेट्रोल व डीजल पंपों पर वाहन चालकों के लिए पीयूसीसी नहीं तो ईंधन नहीं पाॅलिसी लागू की जाएगी।
कैसे होगी पहचान?
पेट्रोल व डीजल पंप संचालकों को सितंबर माह तक एएनपीआर कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए हैं, इन कैमरों के लगने से पेट्रोल पंप पर आने वाले वाहन के नंबर से यह पता चल जाएगा कि वाहन का पीयूसीसी है या नही है, यदि पीयूसीसी नहीं होगा तो ईंधन नहीं दिया जाएगा।
जिन पेट्रोल पंपों पर एएनपीआर कैमरे नहीं लगे होंगे, वहां पर वाहन में ईंधन डालने से पहले सेल्समैन द्वारा वाहन स्वामी से पीयूसीसी सर्टिफिकेट दिखाने के लिए कहा जाएगा, वैध पीयूसीसी होने पर ही ईंधन दिया जाएगा।

