jansamwad tvjansamwad tvjansamwad tv
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • दिल्ली
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • जम्मू कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • महाराष्ट्र
    • पंजाब
    • राजस्थान
    • गुजरात
    • पश्चिम बंगाल
  • शिक्षा
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • टेक
Reading: दिल्ली PWD को मिला अपना इंजीनियरिंग कैडर, 3,214 पद CPWD से अलग; 30 साल पुरानी मांग पूरी
Share
Font ResizerAa
jansamwad tvjansamwad tv
Font ResizerAa
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
  • शिक्षा
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • टेक
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • दिल्ली
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • जम्मू कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • महाराष्ट्र
    • पंजाब
    • राजस्थान
    • गुजरात
    • पश्चिम बंगाल
  • शिक्षा
  • व्यापार
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • टेक
Have an existing account? Sign In
Follow US
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Home » Blog » दिल्ली PWD को मिला अपना इंजीनियरिंग कैडर, 3,214 पद CPWD से अलग; 30 साल पुरानी मांग पूरी
दिल्लीराज्य

दिल्ली PWD को मिला अपना इंजीनियरिंग कैडर, 3,214 पद CPWD से अलग; 30 साल पुरानी मांग पूरी

TRIPTY SRIVASTAVA
Last updated: September 10, 2026 8:44 am
TRIPTY SRIVASTAVA
Share
SHARE

नई दिल्ली: दिल्ली के बुनियादी ढांचे के विकास और निर्माण कार्यों में तेजी लाने की दिशा में केंद्र सरकार ने दिल्ली के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के लिए एक स्वतंत्र ‘दिल्ली पीडब्ल्यूडी इंजीनियरिंग कैडर’ के गठन को मंजूरी दे दी है. इस फैसले के तहत पीडब्ल्यूडी के कुल 3,214 स्वीकृत इंजीनियरिंग पदों को केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) कैडर से पूरी तरह अलग कर दिया गया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे दिल्ली को एक विकसित, सुरक्षित और विश्वस्तरीय राजधानी बनाने की दिशा में मील का पत्थर बताया है.

Contents
About The AuthorTRIPTY SRIVASTAVA

तीन दशकों से लंबित थी यह मांग

मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार के पीडब्ल्यूडी के पास अब तक अपना कोई स्वतंत्र इंजीनियरिंग कैडर नहीं था. विभाग की इंजीनियरिंग सेवाएं बड़े पैमाने पर सीपीडब्ल्यूडी कैडर पर निर्भर थीं. पीडब्ल्यूडी दिल्ली के इंजीनियरिंग विंग में 36 श्रेणियों के तहत कुल 3,214 पद स्वीकृत थे, जिन पर नियुक्तियां केंद्र सरकार की व्यवस्था के माध्यम से होती थीं. इस पुरानी व्यवस्था के कारण कई बार दिल्ली की स्थानीय प्रशासनिक और विकास संबंधी आवश्यकताओं के अनुरूप तुरंत और प्रभावी निर्णय लेने में बाधा उत्पन्न होती थी.

दिल्ली की भौगोलिक और विकास से जुड़ी आवश्यकताएं अन्य राज्यों या केंद्रीय व्यवस्थाओं से काफी भिन्न हैं. यहां लगातार नई सड़कों, पुलों, आधुनिक इमारतों, कार्यालयों और अन्य सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण व रख-रखाव की आवश्यकता बनी रहती है. ऐसे में दिल्ली के पास अपनी एक सक्षम और स्वतंत्र इंजीनियरिंग व्यवस्था होना अत्यंत आवश्यक था. करीब 30 वर्षों से यह मुद्दा लंबित था, जिस पर किसी ठोस निर्णय तक नहीं पहुंचा जा सका था. वर्तमान सरकार ने इस लंबे समय से चली आ रही मांग को गंभीरता से लेते हुए कैबिनेट बैठक में इसे मंजूरी दी थी, जिसे अब केंद्र की हरी झंडी मिल गई है.

स्थानीय जरूरतों के अनुरूप होगा विकास

नए स्वतंत्र कैडर के गठन से दिल्ली सरकार अपनी विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से और समयबद्ध तरीके से जमीन पर उतार सकेगी. अधिकारियों के अनुसार, इससे इंजीनियरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, रिक्त पदों को भरने, परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने और निर्माण कार्यों को गति देने में सुगमता होगी. अब दिल्ली सरकार को अपने विकास कार्यों के लिए किसी अन्य कैडर पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा.

सरकार की आगामी योजनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि आने वाले समय में राजधानी में कई महत्वपूर्ण भवनों और कार्यालयों का निर्माण होना है. इसमें एक नए सचिवालय के अलावा सभी 11 जिलों में मिनी-सचिवालयों का निर्माण, मंडियों का आधुनिकीकरण, खेल मैदानों का विकास और अन्य प्रशासनिक व सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करना शामिल है. इन सभी बड़े प्रोजेक्ट्स को तय समय सीमा में पूरा करने के लिए एक मजबूत और जवाबदेह इंजीनियरिंग तंत्र की आवश्यकता थी, जो अब इस नए कैडर के माध्यम से पूरी होगी.

जवाबदेही और पारदर्शिता होगी सुनिश्चित

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि इस कैडर का उद्देश्य केवल प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव करना नहीं है, बल्कि इसके जरिए निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और अधिकारियों की जवाबदेही तय करना भी है. उन्होंने बताया कि पुरानी व्यवस्था के दौरान कई बार निर्माण परियोजनाओं में गंभीर खामियां या अनियमितताएं पाए जाने पर संबंधित अधिकारी का तबादला हो जाने से जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया प्रभावित होती थी. अब एक स्वतंत्र कैडर होने से दिल्ली सरकार इंजीनियरिंग अधिकारियों की जिम्मेदारियों और उनके कामकाज की निगरानी को सीधे अपने प्रशासनिक तंत्र से जोड़ सकेगी, जिससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा.

highlights

Toggle
  • About The Author
    • TRIPTY SRIVASTAVA

About The Author

Avatar

TRIPTY SRIVASTAVA

See author's posts

    Subscribe to Our Newsletter
    Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!
    [mc4wp_form]
    Share This Article
    Email Copy Link Print
    Previous Article 1 अक्टूबर से बदल जाएगा नियम, PUCC नहीं तो गाजियाबाद में पेट्रोल-डीजल नहीं मिलेगा
    Next Article दिल्ली क्राइम ब्रांच का बड़ा एक्शन, 50 लाख की लूट में वांछित शराफत अली 11 साल बाद गिरफ्तार
    Leave a Comment

    Leave a Reply Cancel reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Might Also Like

    दिल्लीराज्य

    दिल्ली में दर्दनाक हादसा, DTC बस की चपेट में आने से स्कूली छात्रा की मौत

    पूर्वी दिल्ली। मयूर विहार फेज तीन इलाके में शुक्रवार को एक सड़क हादसे में डीटीसी बस की चपेट में आने से…

    2 Min Read
    पंजाबराज्य

    पंजाब कांग्रेस में वर्चस्व की जंग तेज, चन्नी-वड़िंग गुटों ने बढ़ाया शक्ति प्रदर्शन

    पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी की नियुक्ति के बाद दो धड़ों में बंटे कांग्रेसियों ने अपना शक्ति प्रदर्शन तेज कर…

    5 Min Read
    शिक्षकों
    उत्तर प्रदेशराज्य

    UP के दस लाख शिक्षकों को मिल सकती है कैशलेस इलाज की सुविधा, कैबिनेट की बैठक में आज फैसला संभव

    राज्य कर्मचारियों की तरह प्रदेश सरकार शिक्षकों को भी कैशलेस चिकित्सा का तोहफा देने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ…

    1 Min Read
    पंजाबराज्य

    मुख्यमंत्री सेहत योजना बनी कैंसर मरीजों का सहारा, 8,069 मरीजों के इलाज पर खर्च हुए ₹20.22 करोड़

    चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत 8,069 कैंसर मरीज़ों के इलाज पर ₹20.22 करोड़ ख़र्च किए हैं। लाभार्थियों…

    7 Min Read
    jansamwad tv

    यदि आपको “https://jansamwadtv.com/” पर छपी किसी सामग्री या वीडियो कंटेंट में सम्पादकीय आचार संहिता की चूक को लेकर कोई शिकायत है तो आप Contact@jansamwadtv.com E-mail कर अपनी शिकायत हमारे Grievance Officer को भेज सकते हैं।

    विज्ञापन के लिए संपर्क करें:

    contact@jansamwadtv.com

    • Privacy Policy
    • About us
    • Disclamer
    • Contact Us
    Reading: दिल्ली PWD को मिला अपना इंजीनियरिंग कैडर, 3,214 पद CPWD से अलग; 30 साल पुरानी मांग पूरी
    Share

    © Jansamwadtv. All Rights Reserved.

    Welcome Back!

    Sign in to your account

    Username or Email Address
    Password

    Lost your password?

    Forget Password