रजनी ताई उपासने: रायपुर की पहली महिला विधायक का 92 वर्ष की उम्र में निधन, जनसेवा की मिसाल रहीं
रायपुर, 27 अगस्त 2025 — छत्तीसगढ़ की राजनीति को दिशा देने वाली और रायपुर की पहली महिला विधायक रजनी ताई उपासने का सोमवार को निधन हो गया। 92 वर्ष की उम्र में उन्होंने रायपुर के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। वे पिछले कुछ दिनों से न्यूमोनिया से पीड़ित थीं और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती थीं।
एक साहसी नेता, जिसने आपातकाल में भी नहीं झुकी
रजनी ताई उपासने का राजनीतिक जीवन साहस, सिद्धांत और ईमानदारी की मिसाल रहा है। वे 1977 में जनता पार्टी के टिकट पर रायपुर से मध्य प्रदेश विधानसभा की सदस्य बनी थीं — जब छत्तीसगढ़ राज्य का गठन नहीं हुआ था। आपातकाल के दौर में, जब देश भर में राजनीतिक दमन चरम पर था, तब कलेक्टर द्वारा घर सील करने की धमकी पर उन्होंने बेखौफ कहा था —
“मेरे बेटे पहले से जेल में हैं, मुझे भी ले चलो, कोई फर्क नहीं पड़ता।”
उनके इस जवाब ने उन्हें जनता के बीच एक निर्भीक और सच्चे जननेता के रूप में स्थापित कर दिया।
सरल जीवन और नैतिक राजनीति की प्रतीक
रजनी ताई ने न केवल जनता की सेवा की, बल्कि अपने पूरे राजनीतिक जीवन में व्यक्तिगत लाभ से दूरी बनाए रखी। विधायक बनने के बाद भी उन्होंने किराए के मकान में रहना चुना, सरकारी वाहन की जगह रिक्शे का उपयोग किया और अपने बेटों के लिए सरकारी नौकरी की कोई सिफारिश नहीं की। उनका मानना था कि सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता और नैतिकता सर्वोच्च होनी चाहिए।
राजनीतिक मार्गदर्शक के रूप में योगदान
रजनी ताई उपासने केवल एक नेता ही नहीं, बल्कि कई युवा नेताओं की मार्गदर्शक भी थीं। उन्होंने रमेश बैस जैसे नेताओं को राजनीतिक मंच पर आगे बढ़ने में मदद की, जो आगे चलकर सांसद और केंद्रीय मंत्री बने। उनके संबंध अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, सुषमा स्वराज और अर्जुन सिंह जैसे बड़े नेताओं से भी रहे।
अंतिम विदाई और श्रद्धांजलि
उनके निधन पर पूरे राज्य में शोक की लहर फैल गई। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ट्वीट कर शोक व्यक्त करते हुए कहा,
“रजनी ताई उपासने जी का निधन हम सबके लिए अपूरणीय क्षति है। वे सच्चे अर्थों में जनता की नेता थीं।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी रजनी ताई के योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके परिवार से फोन पर बात कर संवेदना व्यक्त की।
सारांश:
नाम: रजनी ताई उपासने
उम्र: 92 वर्ष
पहचान: रायपुर की पहली महिला विधायक (1977, जनता पार्टी)
उपलब्धियां: साहसी नेतृत्व, आपातकाल में विरोध, नैतिक राजनीति
निधन: 27 अगस्त 2025, रायपुर
मुख्य वक्तव्य: “मेरे बेटे जेल में हैं, मुझे भी ले चलो…”
उनकी विरासत
रजनी ताई उपासने का जीवन हमें सिखाता है कि राजनीति केवल सत्ता का माध्यम नहीं, बल्कि सेवा का अवसर होती है। उन्होंने यह सिद्ध किया कि सच्चे जननेता वही होते हैं जो सिद्धांतों पर अडिग रहते हैं, चाहे परिस्थिति कितनी भी कठिन क्यों न हो। छत्तीसगढ़ की राजनीति में उनके योगदान को युगों तक याद किया जाएगा।

