छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सलियों का IED ब्लास्ट, चार ग्रामीण घायल – जंगल में मशरूम तोड़ने गए थे लोग
बीजापुर, छत्तीसगढ़ | 14 जुलाई 2025 — बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले से एक बार फिर दर्दनाक खबर सामने आई है। यहां धांगोल गांव के समीप नक्सलियों द्वारा बिछाए गए आईईडी (Improvised Explosive Device) विस्फोट में चार ग्रामीण घायल हो गए। ग्रामीण जंगल में मशरूम तोड़ने गए थे, जहां यह हादसा हुआ।
📍 घटना का विवरण
रविवार शाम को यह हादसा उस समय हुआ जब गांव के कुछ लोग रोज़ की तरह पास के जंगल में मशरूम इकट्ठा करने गए थे। उसी दौरान जमीन में दबे IED में विस्फोट हो गया। धमाका इतना तेज़ था कि मौके पर चार ग्रामीण घायल हो गए। घायलों की पहचान इस प्रकार हुई है:
कविता कुदियम (16 वर्ष)
कोर्से संतोष (26 वर्ष)
चिदेम कन्हैया (24 वर्ष)
एक अन्य ग्रामीण, जिनका नाम फिलहाल सार्वजनिक नहीं किया गया है।
घायलों को तत्काल जिला अस्पताल बीजापुर में भर्ती कराया गया, जहां उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
🎯 किसे था निशाना?
पुलिस के अनुसार, यह IED सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के लिए लगाया गया था, लेकिन दुर्भाग्यवश ग्रामीण इसकी चपेट में आ गए। यह इलाका पहले से ही नक्सली गतिविधियों के लिए संवेदनशील माना जाता है और अक्सर यहां सुरक्षा बलों के गश्त के दौरान IED बरामद होते रहे हैं।
🛡️ सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया
घटना के बाद DRG (District Reserve Guard) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके में तलाशी अभियान तेज कर दिया है।
साथ ही ग्रामीणों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध वस्तु की सूचना पुलिस को देने की सलाह दी गई है।
बीजापुर पुलिस अधीक्षक ने कहा,
“नक्सली निर्दोष नागरिकों को नुकसान पहुंचाकर अपनी कायरता दिखा रहे हैं। ऐसे तत्वों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।”
📌 पृष्ठभूमि: बीजापुर में बढ़ती घटनाएं
बीजापुर जिला पहले भी कई बड़े नक्सली हमलों का गवाह बन चुका है। इससे पहले:
जनवरी 2025 में एक IED ब्लास्ट में DRG के 8 जवान शहीद हुए थे।
फरवरी 2025 में एक ऑपरेशन में सुरक्षाबलों ने 31 नक्सलियों को ढेर किया था।
🔚 निष्कर्ष
यह घटना एक बार फिर इस बात की पुष्टि करती है कि छत्तीसगढ़ के आदिवासी क्षेत्रों में नक्सली खतरा अभी भी कायम है। ज़रूरत है स्थानीय लोगों को जागरूक करने, जंगल क्षेत्र में बेहतर निगरानी रखने और ऐसे इलाकों में मानवीय सुरक्षा के उपायों को और मज़बूती देने की।

