उत्तराखंड में कैंसर मरीजों को राहत: हर्रावाला सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के संचालन पर कैबिनेट में होगा फैसला
देहरादून, 15 जुलाई 2025 — उत्तराखंड में स्वास्थ्य सुविधाओं को सशक्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। देहरादून के हर्रावाला में तैयार किया गया 300-बेड का सुपर स्पेशियलिटी कैंसर अस्पताल अब आम जनता के लिए जल्द ही खुल सकता है। राज्य सरकार इस अस्पताल के संचालन को पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल के तहत संचालित करने की दिशा में गंभीरता से विचार कर रही है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह प्रस्ताव आगामी कैबिनेट बैठक में लाया जाएगा, जहां अंतिम मुहर लगाई जा सकती है। अगर सब कुछ तय योजना के अनुसार हुआ, तो उत्तराखंड को एक आधुनिक कैंसर अस्पताल मिलने जा रहा है, जो पूरे राज्य ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्यों के मरीजों के लिए भी वरदान साबित हो सकता है।
क्या है PPP मॉडल?
PPP यानी पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप वह मॉडल है जिसमें सरकार बुनियादी ढांचा तैयार करती है, और उसका संचालन, रखरखाव व तकनीकी सेवाएं किसी निजी विशेषज्ञ संस्था के जरिए की जाती हैं। इससे सरकार पर बोझ कम होता है, और मरीजों को त्वरित व बेहतर इलाज मिल पाता है।
अस्पताल की विशेषताएं:
कुल लागत: ₹106 करोड़
बेड क्षमता: 300
सुविधाएं: कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी, ऑपरेशन थिएटर, आधुनिक डायग्नोस्टिक्स
लोकेशन: हर्रावाला, देहरादून
सरकार की मंशा
राज्य सरकार चाहती है कि यह अस्पताल न सिर्फ कैंसर मरीजों के लिए राहत बने, बल्कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्तराखंड को एक नई पहचान भी दिलाए। पीपीपी मॉडल के तहत गुणवत्तापूर्ण सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक गाइडलाइंस तैयार की जा रही हैं।
यदि प्रस्ताव पारित होता है, तो आगामी कुछ महीनों में अस्पताल का संचालन निजी संस्था को सौंपा जा सकता है, जो विशेषज्ञ डॉक्टरों और टेक्निकल स्टाफ के साथ इस सेंटर को क्रियाशील बनाएगी।
📌 निष्कर्ष
हर्रावाला सुपर स्पेशियलिटी कैंसर अस्पताल का संचालन पीपीपी मॉडल में होना राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इससे न केवल कैंसर जैसी घातक बीमारी से पीड़ित मरीजों को राहत मिलेगी, बल्कि उत्तराखंड एक मेडिकल हब के रूप में भी उभर सकता है।

