करनाल में अतिरिक्त उपायुक्त योगेश मेहता ने जानकारी दी कि प्रदेश सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए बागवानी क्षेत्र को लगातार प्रोत्साहित कर रही है। इसके लिए सब्जी उत्पादन, मशरूम खेती और आधुनिक तकनीक आधारित खेती पर विशेष अनुदान योजनाएं लागू की गई हैं, जिनके तहत किसानों को आकर्षक आर्थिक सहायता दी जा रही है।
एडीसी योगेश मेहता ने बताया कि
- सब्जी उत्पादन पर किसानों को 15,000 से 25,500 रुपये प्रति एकड़ तक का प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
- बांस आधारित सब्जी उत्पादन के लिए 31,250 से 53,125 रुपये तक की सहायता उपलब्ध है।
- आयरन स्टेकिंग तकनीक अपनाने पर किसानों को 70,500 से 1,19,850 रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है।
- प्लास्टिक मल्चिंग के लिए 2 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से सब्सिडी प्रदान की जा रही है।
इसके साथ ही मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से
- मशरूम झोपड़ी निर्माण पर 22,500 से 25,500 रुपये,
- मशरूम ट्रे पर 15,000 से 25,500 रुपये प्रति किसान तक की सहायता दी जा रही है।
इसके अलावा, बागवानी मशीनरी व उपकरणों की खरीद पर किसानों को लागत मूल्य का 40 से 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।
इस अवसर पर जिला बागवानी अधिकारी कमल कुमार ने बताया कि विभाग द्वारा संचालित इन योजनाओं का लाभ उठाकर जिले के किसान पारंपरिक खेती से आगे बढ़ते हुए उन्नत और लाभकारी खेती की ओर बढ़ रहे हैं। विभागीय तकनीकी मार्गदर्शन और सहयोग से किसानों की आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसानों को “मेरी फसल मेरा ब्यौरा” पोर्टल पर बागवानी फसलों का पंजीकरण कराना अनिवार्य है। ऑनलाइन पंजीकरण के आधार पर पहले आओ–पहले पाओ की तर्ज पर अनुदान दिया जाएगा। योजना के तहत एक किसान अधिकतम 5 एकड़ तक सब्जी फसलों पर अनुदान का लाभ उठा सकता है।

