नोएडा, उत्तर प्रदेश | 1 नवंबर 2026: फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI), नई दिल्ली द्वारा पश्चिमी उत्तर प्रदेश एवं दिल्ली के फार्मेसी संस्थानों के सहयोग से 1 नवंबर 2026 को एमिटी विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश, में विश्व फार्मासिस्ट दिवस एवं राष्ट्रीय फार्मेसी सप्ताह 2026 का राज्य स्तरीय समारोह आयोजित किया गया।
यह कार्यक्रम “स्वस्थ भारत: रोगाणुरोधी प्रतिरोध से मुकाबला” विषय पर आयोजित किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य रोगाणुरोधी प्रतिरोध (Antimicrobial Resistance–AMR) के प्रति जागरूकता बढ़ाना, एंटीबायोटिक दवाओं के तर्कसंगत उपयोग को प्रोत्साहित करना तथा जनस्वास्थ्य की सुरक्षा में फार्मासिस्टों की भूमिका को सशक्त बनाना था।
इस कार्यक्रम में लगभग 1,500 प्रतिभागी शामिल हुए, जिनमें फार्मेसी के विद्यार्थी, संकाय सदस्य, फार्मासिस्ट, स्वास्थ्य सेवा विशेषज्ञ, शोधकर्ता तथा औषधि उद्योग के प्रतिनिधि शामिल थे। कार्यक्रम की शुरुआत रोगाणुरोधी प्रतिरोध के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित एक जागरूकता रैली से हुई, जिसके पश्चात औपचारिक उद्घाटन सत्र आयोजित किया गया।
उद्घाटन सत्र में डॉ. मोंटुकुमार एम. पटेल, अध्यक्ष, फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI); डॉ. अतुल के. नासा, विशिष्ट अतिथि एवं कार्यकारी परिषद सदस्य, PCI; प्रो. (डॉ.) विभु सहानी, संयोजक एवं केंद्रीय परिषद सदस्य, PCI; तथा श्री संदीप बडोला, सह-संयोजक एवं केंद्रीय परिषद सदस्य, PCI की उपस्थिति रही। इस अवसर पर प्रो. (डॉ.) बलविंदर शुक्ला, कुलपति, एमिटी विश्वविद्यालय, नोएडा द्वारा स्वागत संबोधन दिया गया।
कार्यक्रम के अंतर्गत प्रो. (डॉ.) बी. सी. दास, डीन, स्वास्थ्य एवं संबद्ध विज्ञान संकाय, एमिटी विश्वविद्यालय, नोएडा द्वारा रोगाणुरोधी प्रतिरोध तथा इससे उत्पन्न हो रही चुनौतियों पर विशेषज्ञ व्याख्यान दिया गया। इसके पश्चात स्वास्थ्य सेवा एवं औषधि क्षेत्र के विशेषज्ञों की सहभागिता से एक पैनल चर्चा आयोजित की गई।
विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए फार्मास्यूटिकल क्विज, वैज्ञानिक पोस्टर प्रस्तुतिकरण, रील निर्माण, साइ-टून्स (Scitoons), सूचना-पत्र निर्माण तथा नुक्कड़ नाटक जैसी विभिन्न प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं। इन गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना, रोगाणुरोधी प्रतिरोध के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा एंटीबायोटिक दवाओं के जिम्मेदार एवं विवेकपूर्ण उपयोग को प्रोत्साहित करना था।
समापन सत्र में प्रो. (डॉ.) आकाश वेद, सह-संयोजक एवं केंद्रीय परिषद सदस्य, PCI; श्री दिनेश मदान, सह-संयोजक एवं केंद्रीय परिषद सदस्य, PCI; तथा श्री बलदेव कुमार, विधि समिति एवं व्यावसायिक फार्मेसी तथा जनसंपर्क समिति (PP&PRC), PCI के सदस्य शामिल हुए।
इस सत्र में प्रो. (डॉ.) स्वाति मदान, नोडल अधिकारी, एमिटी इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी द्वारा कार्यक्रम की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। इसके पश्चात प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को उनकी उपलब्धियों के लिए पुरस्कार प्रदान किए गए। कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन डॉ. नवनीत वर्मा, प्रो-वाइस चांसलर (अनुसंधान एवं विकास), डीन एवं सह-समन्वयक, आईएफटीएम विश्वविद्यालय, मुरादाबाद द्वारा प्रस्तुत किया गया।
इस कार्यक्रम का आयोजन एमिटी इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी, एमिटी विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश, नोएडा द्वारा किया गया। कार्यक्रम का समन्वय प्रो. (डॉ.) हवागिरे आर. चितमे, प्रमुख, एमिटी इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी, एमिटी विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश, नोएडा के नेतृत्व में किया गया।
इस पहल का उद्देश्य दवाओं के जिम्मेदार उपयोग को प्रोत्साहित करना, रोगाणुरोधी प्रतिरोध की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए प्रभावी उपायों को बढ़ावा देना तथा भविष्य के फार्मासिस्टों को AMR जैसी गंभीर जनस्वास्थ्य चुनौती से निपटने के लिए प्रेरित करना था।
इस राज्य स्तरीय पहल के माध्यम से फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया ने स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में फार्मेसी पेशेवरों के महत्त्व को रेखांकित किया तथा रोगाणुरोधी प्रतिरोध की बढ़ती चुनौती से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों

