छत्तीसगढ़ विधानसभा में घुसपैठियों पर हंगामा: अजय-देवेंद्र के बीच तीखी बहस, सरकार ने बताया 30 बांग्लादेशियों को भेजा वापस
रायपुर | 16 जुलाई 2025
छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में मंगलवार को बांग्लादेशी घुसपैठियों का मुद्दा जोर-शोर से उठा। भाजपा और कांग्रेस विधायकों के बीच इस मुद्दे पर जबरदस्त बहस देखने को मिली। भाजपा के अजय चंद्राकर और कांग्रेस के देवेंद्र यादव के बीच तीखी जुबानी झड़प हुई, जिसे शांत कराने के लिए स्पीकर को हस्तक्षेप करना पड़ा।
🔎 क्या है पूरा मामला?
भाजपा विधायकों ने विधानसभा में आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ में लगभग 5,000 बांग्लादेशी घुसपैठिए अवैध रूप से रह रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि ये लोग:
सरकारी योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं
आधार कार्ड, राशन कार्ड और पासपोर्ट जैसे दस्तावेज बनवा चुके हैं
राज्य की जनसांख्यिकी और सुरक्षा व्यवस्था को खतरे में डाल रहे हैं
भाजपा ने इन अवैध प्रवासियों को रोकने के लिए डिटेंशन सेंटर बनाने की मांग की।
🛡️ सरकार की सफाई: कार्रवाई जारी है
राज्य के गृह मंत्री एवं डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने जवाब देते हुए बताया:
अब तक 30 बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान कर उन्हें गुवाहाटी होते हुए वापस भेजा गया है
19 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है
एक विशेष टास्क फोर्स (STF) बनाई गई है
टोल-फ्री हेल्पलाइन (1800-233-1905) चालू की गई है ताकि लोग संदिग्धों की जानकारी दे सकें
सरकार ने स्पष्ट किया कि कोई भी रोहिंग्या आतंकवादी अब तक नहीं मिला, केवल बांग्लादेशी नागरिक पकड़े गए हैं
🗣️ अजय बनाम देवेंद्र: सत्र में बढ़ा तनाव
सदन के दौरान भाजपा विधायक अजय चंद्राकर और कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव के बीच तीखी बहस हो गई।
विवाद इतना बढ़ गया कि स्पीकर डॉ. रमन सिंह को हस्तक्षेप कर सदन की मर्यादा बनाए रखने की चेतावनी देनी पड़ी।
🧭 राजनीतिक दृष्टिकोण
गृह मंत्री ने कुछ राजनीतिक दलों पर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि यह प्रयास अवैध प्रवासियों को मतदाता सूची में शामिल कराने की साजिश का हिस्सा हो सकता है।
📌 मुख्य बिंदु संक्षेप में:
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| मुद्दा | छत्तीसगढ़ में बांग्लादेशी घुसपैठ |
| भाजपा का आरोप | 5,000 अवैध घुसपैठिए, योजनाओं का दुरुपयोग |
| सरकार की कार्रवाई | 30 डिपोर्ट, 19 FIR, STF गठित |
| विशेष सेवा | टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-233-1905 |
| बहस | अजय चंद्राकर vs देवेंद्र यादव |
| राजनीतिक विवाद | वोट बैंक की राजनीति का आरोप |
📝 निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ में बांग्लादेशी घुसपैठियों का मुद्दा अब सिर्फ सुरक्षा या जनसंख्या नियंत्रण का नहीं, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक बहस का भी विषय बन गया है। जहां एक ओर भाजपा इसे सुरक्षा का संकट बता रही है, वहीं सरकार इसे नियंत्रित और जांचाधीन मुद्दा मान रही है।

