देहरादून | 18 मार्च 2026
उत्तराखंड में Pushkar Singh Dhami के नेतृत्व वाली सरकार जल्द ही कैबिनेट विस्तार करने जा रही है। सूत्रों के मुताबिक चैत्र नवरात्र के शुभ अवसर पर मंत्रिमंडल में नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है। लंबे समय से लंबित इस विस्तार को लेकर सरकार और संगठन दोनों स्तरों पर मंथन जारी है। वर्तमान में राज्य मंत्रिमंडल में पांच पद खाली हैं, जिन्हें भरने के लिए कई विधायकों के नामों पर चर्चा चल रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह कैबिनेट विस्तार सिर्फ पदों को भरने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके जरिए पार्टी क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश करेगी। गढ़वाल और कुमाऊं दोनों क्षेत्रों से प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के साथ ही विभिन्न सामाजिक वर्गों को भी मंत्रिमंडल में शामिल करने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। इसके अलावा, आगामी चुनावी चुनौतियों को देखते हुए संगठन के सक्रिय और प्रभावशाली चेहरों को भी मौका मिल सकता है।
सूत्रों के अनुसार संभावित मंत्रियों के चयन में उनके पिछले प्रदर्शन, संगठन में सक्रियता और जनाधार को प्रमुख आधार बनाया जा रहा है। पार्टी नेतृत्व चाहता है कि ऐसे चेहरों को शामिल किया जाए जो सरकार की योजनाओं को प्रभावी ढंग से जमीन पर उतार सकें और जनता के बीच सरकार की छवि को और मजबूत कर सकें। यही कारण है कि चयन प्रक्रिया को लेकर काफी सावधानी बरती जा रही है और अंतिम सूची को लेकर शीर्ष स्तर पर लगातार विचार-विमर्श हो रहा है।
कैबिनेट विस्तार के साथ ही सरकार दायित्वधारियों की नियुक्ति पर भी जोर दे रही है। माना जा रहा है कि एक दर्जन से अधिक नेताओं को विभिन्न निगमों, बोर्डों और आयोगों में जिम्मेदारी दी जा सकती है। इससे संगठन के उन नेताओं को साधने की कोशिश होगी, जो लंबे समय से किसी पद की अपेक्षा कर रहे हैं। यह कदम पार्टी के भीतर संतुलन बनाए रखने और असंतोष को कम करने के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।
राजनीतिक दृष्टि से देखा जाए तो यह कैबिनेट विस्तार आगामी चुनावों की रणनीति का भी हिस्सा है। सरकार चाहती है कि मंत्रिमंडल और संगठन के बीच बेहतर तालमेल स्थापित हो, ताकि योजनाओं का लाभ तेजी से जनता तक पहुंच सके। इसके अलावा, नए मंत्रियों के जरिए सरकार अपनी प्राथमिकताओं और विकास एजेंडे को और अधिक मजबूती से आगे बढ़ाना चाहती है।
फिलहाल, राज्य में कैबिनेट विस्तार को लेकर अटकलों का दौर जारी है और संभावित नामों को लेकर चर्चाएं तेज हैं। हालांकि अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व और मुख्यमंत्री स्तर पर ही लिया जाएगा। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि नवरात्र के दौरान होने वाले इस संभावित विस्तार में किन नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह मिलती है और किन्हें संगठनात्मक जिम्मेदारी सौंपी जाती है।

