उत्तरकाशी में यमुना का कहर: स्यानाचट्टी में बनी अस्थायी झील ने बढ़ाई चिंता, राहत कार्य जारी
उत्तरकाशी (उत्तराखंड), 27 अगस्त 2025 – उत्तरकाशी जिले के स्यानाचट्टी क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते हालात बिगड़ते जा रहे हैं। भारी बारिश के कारण कांगड़ी नाले से आया मलबा यमुना नदी के बहाव को रोक गया, जिससे नदी के रास्ते में पानी जमने लगा और वहां एक अस्थायी झील बन गई। इस झील के कारण यमुनोत्री हाईवे बाधित हो गया है और आसपास के कई मकान, दुकानें और एक पुल जलमग्न हो चुके हैं।
बढ़ते जलस्तर से दहशत
झील का जलस्तर लगातार बढ़ने से स्यानाचट्टी के कई हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। स्थानीय घरों, होटलों और स्कूलों में पानी भर गया है। खतरे को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन करीब 300 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया है। राहत कार्यों में SDRF, NDRF, लोक निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग की टीमें लगातार जुटी हुई हैं।
मलबा हटाने में आ रही है दिक्कत
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के आदेश पर झील के मुहाने से मलबा हटाने के लिए पोकलिन और जेसीबी जैसी भारी मशीनें भेजी गईं, लेकिन झील के चारों ओर फैली गाद और दलदल के कारण मशीनें मौके तक नहीं पहुंच सकीं, जिससे राहत कार्यों में देरी हो रही है।
जलस्तर में थोड़ी राहत
इस बीच, झील के जलस्तर में करीब 5–6 फीट की गिरावट दर्ज की गई है, जो थोड़ी राहत की बात है। यदि मौसम अनुकूल रहा तो प्रशासन को उम्मीद है कि 24 से 48 घंटे में जलनिकासी की प्रक्रिया तेज हो सकेगी और हाईवे भी बहाल किया जा सकेगा।
निष्कर्ष
स्यानाचट्टी में बना यह जलसंकट साफ दिखाता है कि पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और भूस्खलन किस तरह से सामान्य जनजीवन को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसी आपदाओं से निपटने के लिए प्रशासनिक सतर्कता, त्वरित प्रतिक्रिया और संसाधनों की समय पर उपलब्धता बेहद आवश्यक है।

