गाजियाबाद: क्राइम ब्रांच टीम ने स्विगी से 30 लाख रुपये की ठगी के आरोप में बीकॉम के छात्र को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने टेलीग्राम से क्रेडिट कार्ड का डेटा लिया और 3 फर्जी रसोई स्विगी पर रजिस्टर्ड कर ऑर्डर देना शुरू कर दिया। करीब 9 माह के दौरान आरोपी ने 30 लाख रुपये की ठगी स्विगी से की है। फर्जीवाड़े का पता चलने पर स्विगी की जोखिम प्रबंधक टीम के मैनेजर बिस्वजीत चौधरी ने 18 सितंबर को केस दर्ज कराया था।
रोहतक का रहने वाला है युवक
एसीपी क्राइम अमित सक्सेना ने बताया कि मूलरूप से रोहतक, हरियाणा निवासी गर्वित कुमार को 18 सितंबर को कौशांबी क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी फिलहाल ए-ब्लॉक वैशाली सेक्टर-3 में रहता है। आरोपी बीकॉम फाइनल ईयर का छात्र है। उसने कुछ माह के लिए टेक महिंद्रा कंपनी में कस्टमर केयर डिपार्टमेंट में नौकरी की थी।
टेलीग्राम से लिया था खाता धारकों का डाटा
गर्वित ने टेलीग्राम से उन क्रेडिट कार्ड धारकों का डाटा लिया, जिनकी पेमेंट समय पर नहीं हुई थी और बैंक ने चार्ज लगाए हुए थे। इसके बाद आरोपी ने इन कार्ड धारकों को फोन कर खुद को बैंककर्मी बताते हुए उनका चार्ज माफ कराने की बात कही। इसी दौरान आरोपी ने श्याम की रसोई, राधा की रसोई और खाना खजाना नाम से तीन रेस्तरां फर्जी तरीके से बनाए और उन्हें एफएसएसआई से रजिस्टर्ड कराया। इसके साथ ही उसने इन सभी रेस्तरां को स्विगी पर भी रजिस्टर्ड करा लिया।
आरोपी ने 52 क्रेडिट कार्ड से किए 137 ऑर्डर
इसके बाद आरोपी इन क्रेडिट कार्ड्स से ऑनलाइन खाना ऑर्डर करने लगा। कार्ड धारकों को जूम मीटिंग में जोड़कर ओटीपी देखकर पेमेंट कर देता था। इसके बाद जब कोई डिलिवरी बॉय ऑर्डर लेने पहुंचता, तो उन्हें कहता कि दूसरा डिलिवरी बॉय ऑर्डर लेकर चला गया। ऐसे करीब 52 क्रेडिट कार्ड से आरोपी ने 137 ऑर्डर किए। इन पर आरोपी को स्विगी से करीब 30 लाख रुपये की फर्जी तरीके से कमाई हुई।
स्विगी से कंप्लेंट करने से खुला फर्जीवाड़ा
एसीपी ने बताया कि आरोपी जब खाने की डिलिवरी के लिए पेमेंट करता था, तो क्रेडिट कार्ड धारकों के पास स्विगी में पेमेंट होने के मेसेज जाते थे। इन मेसेज को देखकर वह स्विगी कंपनी से ऑनलाइन और ऑफलाइन कंप्लेट करते थे कि उन्होंने ऑर्डर किया ही नहीं, तो उनके पैसे क्यों काटे जा रहे हैं। जब स्विगी ने जांच की तो मामले का खुलासा हुआ।
ऐप के जरिये बैंक अधिकारी बन करता था कॉल
आरोपी जियो जॉइन ऐप से क्रेडिट कार्ड धारको को एक्सिस बैंक का ग्राहक सेवा अधिकारी बनकर वाई-फाई कॉलिंग करता था और क्रेडिट कार्ड धारको से क्रेडिट कार्ड में लगे सर्विस चार्ज और लेट पेमेंट हटाने के लिए सर्विस रिक्वेट रेज करने के नाम पर स्विगी के ऑर्डर के पेमेंट का ओटीपी लेता था। उन ऑर्डरों को अपने फर्जी रेस्त्रां से फर्जी डिलिवरी दिखाकर स्विगी से पैसा अपने खाते में ट्रांसफर करा लेता था।
यूट्यूब देख सीखा था ठगी का तरीका
आरोपी ने टेक महिंद्रा कंपनी में काम के दौरान बात करना अच्छे से सीख लिया था। इसके बाद यूट्यूब से फ्रॉड करने के तरीके का वीडियो देखा और पूरी योजना तैयार की। इसके बाद आरोपी ने दिसंबर 2025 में पूरे प्लान के साथ ठगी करनी शुरू की।
टेलीग्राम चैनल से मिला लिंक
आरोपी यूट्यूब पर फ्रॉड करने के तरीके खोज रहा था, तो उसे फास्ट ओटीपी बोट टेलीग्राम चैनल का एक लिंक मिला। इस लिंक के माध्यम से उसने एक्सिस बैंक के 52 क्रेडिट कार्ड धारकों की डिटेल ली। इसमें क्रेडिट कार्ड नबर, सीवीवी समेत पूरी डिटेल होती थी।

