नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की एंटी एक्सटॉर्शन एंड किडनैपिंग सेल (AEKC) ने 50 लाख रुपये की बंदूक की नोक पर लूट के मामले में वांछित एक शातिर और कुख्यात बदमाश को गिरफ्तार किया है. आरोपी की पहचान शामली के कैराना निवासी 42 वर्षीय शराफत अली उर्फ मामा के तौर पर हुई है. आरोपी वर्ष 2015 से कानून से बचता आ रहा था और करीब 11 साल तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर रहा. पुलिस ने उसके कब्जे से एक अवैध पिस्तौल, एक जिंदा कारतूस और वारदात में इस्तेमाल स्कूटी बरामद की है.
क्राइम ब्रांच के मुताबिक, शराफत अली खजूरी खास इलाके में 7 मार्च 2026 को हुई 50 लाख रुपये की सशस्त्र लूट के मामले में वांछित था.उसे अपराधी भी घोषित किया गया था. इसके अलावा वह सिविल लाइंस थाने में दर्ज एक अन्य मामले में भी घोषित अपराधी है. आरोपी हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा पा चुका है और लूट के एक अन्य मामले में उसे चार साल के सश्रम कारावास की सजा भी हो चुकी है.
अवैध हथियार और जिंदा कारतूस बरामद
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने डीएनडी फ्लाईओवर से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के आश्रम चौक की ओर निकलने वाले लूप पर घेराबंदी की. 30 अगस्त की रात करीब 11:20 बजे काली सुजुकी एक्सेस स्कूटी पर बिना हेलमेट आ रहे व्यक्ति को मुखबिर ने आरोपी के रूप में पहचान लिया. पुलिस ने उसे रोककर तलाशी ली तो उसके पास से अवैध हथियार और जिंदा कारतूस बरामद हुआ.
पैरोल मिलने के बाद जेल लौटने के बजाय हुआ फरार
पुलिस के अनुसार,आरोपी को दिल्ली हाई कोर्ट ने 1 अक्टूबर 2015 को मेडिकल आधार पर पैरोल दी थी,लेकिन पैरोल की अवधि समाप्त होने के बाद वह जेल वापस नहीं लौटा और फरार हो गया. इसके बाद उसने लगातार अपनी पहचान और ठिकाना बदलकर पुलिस से बचने की कोशिश की. स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस क्राइम एचजीएस धालीवाल ने बताया कि आरोपी बेहद शातिर और हिंसक अपराधी है, जो पहले भी हथियार के बल पर गंभीर वारदातों को अंजाम दे चुका है.
टीम ने लगातार खुफिया जानकारी विकसित करने, उसकी गतिविधियों पर नजर रखने और सूचना के सत्यापन के बाद रणनीतिक तरीके से कार्रवाई की. उन्होंने कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी से 50 लाख रुपये की लूट के मामले की जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी और उसके अन्य आपराधिक मामलों में संलिप्तता तथा बरामद हथियार के स्रोत का भी पता लगाया जा रहा है. पुलिस जांच में सामने आया कि 2007 में श्रीनिवासपुरी इलाके में आरोपी ने अपने साथियों के साथ सोने से भरी कार को रोककर लूट का प्रयास किया था. विरोध करने पर गोली चलाने से पीड़ित की मौत हो गई थी. इस मामले में उसे उम्रकैद की सजा हुई थी. इसके अलावा नंद नगरी थाने के लूट के मामले में भी वह दोषी ठहराया जा चुका है. क्राइम ब्रांच अब आरोपी से पूछताछ कर उसके नेटवर्क और अन्य वारदातों के बारे में जानकारी जुटा रही है.
29 साल से फरार आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की एंटी गैंगस्टर स्क्वाड (AGS) ने करीब 29 साल से कानून से फरार चल रहे कुख्यात अंतरराज्यीय अपराधी मुरारी उर्फ अशोक को गिरफ्तार किया है। करीब 60 वर्षीय आरोपी मोहन गार्डन, उत्तम नगर का रहने वाला है. उसके खिलाफ दिल्ली और राजस्थान में दर्ज तीन आपराधिक मामलों में गिरफ्तारी वारंट लंबित थे. क्राइम ब्रांच के अनुसार, आरोपी वर्ष 1996 में राजस्थान के भरतपुर के उचैन थाना क्षेत्र में दर्ज लूट-कम-चोरी के मामले के बाद से फरार था.
इस मामले में उसके साथियों को अदालत से सजा हो चुकी है, जबकि आरोपी के खिलाफ 19 सितंबर 2013 को स्थायी गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था. इसके बावजूद वह लगातार पुलिस को चकमा देता रहा और करीब 29 साल तक गिरफ्तारी से बचा रहा. दिल्ली में भी आरोपी के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं. वर्ष 2016 में रणहौला थाना क्षेत्र में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिस और आबकारी विभाग की टीम पर हमला करने और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में मामला दर्ज हुआ था. इस मामले में भी अदालत से गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था.
