नई दिल्ली: सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम ने अनधिकृत निर्माण और खतरनाक इमारतों के खिलाफ अपना अभियान और तेज कर दिया है. सोमवार को एमसीडी ने राजधानी के सभी 12 जोनों में व्यापक कार्रवाई करते हुए 40 स्थानों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की. इसके साथ ही नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 8 संपत्तियों को सील किया गया और 14 ध्वस्तीकरण आदेश भी पारित किए गए.
एमसीडी की यह कार्रवाई दिल्ली के मास्टर प्लान, भवन उप-नियमों के उल्लंघन और खतरनाक इमारतों के खिलाफ की जा रही है. इससे पहले रविवार को भी निगम ने कार्रवाई करते हुए 11 संपत्तियों को ध्वस्त किया था, जबकि 4 अन्य संपत्तियों को सील किया गया था. सोमवार को करोल बाग जोन के टीसी कैंप, ब्लॉक-टी पांडव नगर, ईस्ट पटेल नगर, रेगरपुरा करोल बाग, माता रमेश्वरी नेहरू नगर और नारायणा इंडस्ट्रियल एरिया फेज-I में प्रमुख ध्वस्तीकरण कार्रवाई की गई. वहीं ईस्ट जोन में ईस्ट विनोद नगर, मयूर विहार फेज-II, रघुबरपुरा और गांधी नगर के धरमपुरा समेत कई इलाकों में निगम की टीमों ने कार्रवाई की. नॉर्थ जोन के मलका गंज में भी ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया.
सत्य निकेतन हादसे के बाद एमसीडी ने पीजी भवनों की भी व्यापक स्तर पर जांच शुरू की है. निगम की टीमें दिल्लीभर में पीजी के रूप में संचालित हो रहे भवनों का फील्ड सर्वे कर रही हैं. इसका उद्देश्य ऐसे भवनों का व्यापक डेटाबेस तैयार करना और भवन नियमों समेत अन्य वैधानिक आवश्यकताओं के अनुपालन की स्थिति का आकलन करना है. अब तक के सर्वेक्षण में दिल्ली में करीब 2,453 ऐसे भवनों की पहचान की गई है, जहां पीजी सुविधाएं संचालित हो रही हैं. एमसीडी के मुताबिक, सर्वेक्षण और निरीक्षण की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी. नियमों का उल्लंघन मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
