गाजियाबाद। लोहा मंडी और एसएसजीटी रोड औद्योगिक क्षेत्र में अतिक्रमण के कारण बढ़ रही जाम, गंदगी और आपराधिक गतिविधियों की शिकायतों के बाद यूपीसीडा ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। उप महाप्रबंधक सलिल यादव के नेतृत्व में टीम ने दोनों औद्योगिक क्षेत्रों में बुलडोजर चलाकर एक हजार से अधिक अवैध खोखे, झुग्गियां और ठेलियां हटाईं। कार्रवाई के दौरान अतिक्रमण करने वालों ने विरोध भी किया, लेकिन टीम ने अभियान जारी रखा।
औद्योगिक संगठनों की ओर से लंबे समय से उद्योग बंधु की बैठकों में अतिक्रमण के कारण यातायात प्रभावित होने, कूड़ा फैलने और अपराध बढ़ने की शिकायतें की जा रही थीं। विशेष रूप से शाम के समय फैक्ट्रियों से काम खत्म कर लौटने वाली महिला कामगारों के साथ छेड़खानी की शिकायतें सामने आने के बाद कार्रवाई की मांग तेज हुई थी।
औद्योगिक क्षेत्र में सड़क किनारे लगे खान-पान के खोखे और ठेलियां धीरे-धीरे असामाजिक तत्वों के जमावड़े का स्थान बन गए थे। तीन दिन पहले एक महिला कामगार के साथ आमलेट के खोखे के पास खड़े शराबियों द्वारा छेड़खानी की घटना के बाद मौके पर हंगामा पर पुलिस भी पहुंची थी। खोखे और ठेलियों पर खाना खाने के बाद लोग दोना-पत्तल, पालिथीन और अन्य कूड़ा नाले-नालियों में डाल देते थे। इससे सफाई के बावजूद नाले बार-बार चोक हो जाते थे और बारिश या नालियों का पानी सड़क पर भर जाता था।
स्ट्रीट लाइट से डाल रखी थी कटिया
अतिक्रमणकारियों ने खोखों और दुकानों पर लाइट, पंखे और इन्वर्टर चलाने के लिए स्ट्रीट लाइट की लाइन में अवैध कटिया डाल रखी थी। अधिक लोड होने पर एमसीबी ट्रिप हो जाती थी, जिससे मार्ग की स्ट्रीट लाइट बंद होने के कारण अंधेरा छा जाता था। उद्यमियों के अनुसार अंधेरा होने से असामाजिक गतिविधियों की आशंका और बढ़ जाती थी।
जाम के साथ अपराध भी बन गया था बड़ी समस्या
औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क किनारे अवैध कब्जों के कारण वाहनों के आवागमन में बाधा उत्पन्न हो रही थी। उद्यमियों के अनुसार मारपीट, लूटपाट और छेड़खानी जैसी घटनाओं की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। इससे फैक्ट्रियों में काम करने वाले कर्मचारियों के साथ उद्यमियों को भी आने-जाने में परेशानी होती थी। अतिक्रमण हटने से यातायात व्यवस्था और सुरक्षा में सुधार की उम्मीद है।
तीन-चार दिन और चलेगा अभियान
यूपीसीडा उप महाप्रबंधक सलिल यादव ने बताया कि लोहा मंडी और एसएसजीटी रोड औद्योगिक क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ अभियान शुरू किया गया है। पहले चरण में एक हजार से अधिक अवैध अतिक्रमण हटाए गए हैं। अभियान अभी तीन से चार दिन और जारी रहेगा। औद्योगिक क्षेत्रों को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराने के साथ ही मार्गों को सुगम बनाने पर जोर है।

