नई दिल्ली। ग्रामीण विकास बैंक एफडी घोटाला मामले में दोषी ठहराए गए मध्य प्रदेश के दतिया से पूर्व कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट में बृहस्पतिवार को सुनवाई पूरी हो गई। अदालत अब शुक्रवार को मामले में अपना आदेश सुनाएगी। यदि दोषसिद्धि पर रोक मिलती है तो भारती की विधानसभा सदस्यता बहाल होने का रास्ता खुल सकता है।
विधानसभा सीट रिक्त नहीं रहेगी
न्यायमूर्ति मनोज जैन की पीठ ने राजेंद्र भारती की याचिका पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुनवाई पूरी कर ली। भारती की ओर से दलील दी गई कि यदि उनकी दोषसिद्धि पर रोक लग जाती है तो उन्हें विधायक पद के लिए अयोग्य ठहराने का आधार समाप्त हो जाएगा और उनकी विधानसभा सीट रिक्त नहीं रहेगी।
भारती की ओर से अधिवक्ता ने दलील दी कि ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर अपील में कानून और तथ्यों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रश्न हैं। उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट पहले ही 28 अप्रैल को उनकी तीन वर्ष की सजा पर रोक लगा चुका है और अब दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग पर विचार किया जाना चाहिए।
दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू
वहीं, राउज एवेन्यू स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने एक अप्रैल को राजेंद्र भारती को आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल करने समेत भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में दोषी ठहराया था। अगले दिन उन्हें तीन वर्ष के कारावास और करीब डेढ़ लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। हालांकि, बाद में उन्हें अपील लंबित रहने तक जमानत दे दी गई थी।
अदालत ने कहा था कि जुर्माने की राशि शिकायतकर्ता बैंक के परिसमापन में चले जाने के कारण मध्य प्रदेश सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक को दी जाएगी। दोषसिद्धि के बाद राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई थी और दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
धोखाधड़ी और जालसाजी का आरोप लगाया
ट्रायल कोर्ट के इस फैसले के बाद भारती ने हाई कोर्ट का रुख किया। उन्होंने सजा पर रोक लगाने और जमानत देने की मांग की थी लेकिन हाई कोर्ट ने तुरंत कोई राहत देने के बजाय मामले की सुनवाई आगे बढ़ा दी थी। ऐसे में हाई कोर्ट के आगामी आदेश पर उनकी राजनीतिक दावेदारी भी निर्भर करेगी।
अभियोजन के अनुसार, वर्ष 1998 में भारती की मां सावित्री देवी ने जिला सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक, दतिया में 10 लाख रुपये की तीन वर्ष की एफडी कराई थी। आरोप है कि बाद में बैंक रिकार्ड में छेड़छाड़ कर एफडी की अवधि बढ़ा दी गई, जिससे वर्ष 2011 तक ऊंची ब्याज दर पर अवैध रूप से ब्याज निकाला जाता रहा। इस मामले में बैंक के साथ धोखाधड़ी और जालसाजी का आरोप लगाया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने गवाहों को प्रभावित किए जाने की आशंका के चलते इस मामले की सुनवाई मध्य प्रदेश से दिल्ली स्थानांतरित कर दी थी। उल्लेखनीय है कि दतिया उपचुनाव के लिए मतदान 30 जुलाई को होगा। मतगणना की तारीख तीन अगस्त 2026 है।

